नीति आयोग की बैठक में सीएम वीरभद्र ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए मांगे पैसे

दिल्ली/शिमला

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रविवार को दिल्ली में हुई नीति आयोग की बैठक में हिमाचल के लिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने की मांग उठाई. पर्याप्त पैसा मिलने के बाद ही इन योजनाओं का काम समय पर सुचारू रूप से संपन्न हो सकेगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम, त्वरित सिंचाई कार्यक्रम, जो अब प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का हिस्सा है और राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम जैसी कुछ केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए धन आबंटन में भारी कमी है, जिसके परिणामस्वरूप जो कार्य चले हुए हैं, उन्हें पूरा करने में कठिनाई आ रही है.

त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम के अंतर्गत 105 करोड़ रुपए तथा बाढ़ नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 125 करोड़ रुपए की प्रतिपूर्ति राशि केंद्रीय सरकार के पास लंबित पड़ी है. उन्होंने कहा कि राज्य को राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत वर्ष 2013-14 में प्राप्त निधि से गत तीन वर्षों के दौरान 148 करोड़ रुपए की राशि कम हासिल हुई है.

हिमाचल प्रदेश को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत जहां 2013-14 में 77.40 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई थी, वहीं वर्ष 2016-17 में केवल 52.76 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है.

मुख्यमंत्री ने पर्वतीय राज्यों में कृषि क्षेत्र पर अधिक निवेश की आवश्यकता के दृष्टिगत राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत आबंटन में वृद्धि का आग्रह किया. वीरभद्र सिंह ने हिमाचल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि राज्य के 12 राजकीय महाविद्यालयों में वर्ष 2017-18 से 1000 विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा में स्नातक पाठ्यक्रम शुरू करने के अलावा अंडर ग्रेजुएट कोर्स के लिए कौशल विकास पाठ्यक्रमों को जोड़ा जा रहा है.

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