पंजाब में प्राइवेट संस्थानों की मनमानी को लेकर सरकार सख्त

पंजाब की कैप्टन सरकार पूरे एक्शन में है। कैबिनेट मंत्री ने साफ कर दिया है कि अगर प्राइवेट संस्थान बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करेंगे तो उन पर संकट मंडरा सकता है। तकनीकी शिक्षामंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने निजी शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों से बैठक में साफ संकेत दिया है कि गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। न ही किसी को कोई रियायत दी जाएगी।

चन्नी ने कहा कि राष्ट्रीय काउंसिल द्वारा तय मापदंडों पर अगर कोई कॉलेज खरा नहीं उतरता है तो उसकी मान्यता तत्काल रद्द की जाएगी। किसी को भी युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ की इजाजत नहीं दी जाएगी। विभागीय अधिकारी नियमित रूप से कॉलेजों की चेकिंग करेंगे। कमियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। अगर उनके दौरे के समय कमियां मिलीं तो कॉलेज प्रबंधकों केसाथ चेकिंग करने वाले अधिकारी पर भी कार्रवाई होगी।

चन्नी ने फर्जी दाखिले रोकने को विद्यार्थियों की बायोमीट्रिक हाजिरी यकीनी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इस सिस्टम को विभागीय मुख्यालय से जोड़ा जाए ताकि वहां से भी नजर रखी जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि दाखिले ऑनलाइन ही लिए जाएं। कॉलेजों में यूजीसी और एआईसीटीई की शर्तों के मुताबिक अध्यापकों की नियुक्ति यकीनी बनाई जाए। एससी स्कॉलरशिप विद्यार्थियों तक न पहुंचाने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई की जाएगी। नकल करवाने वाले कॉलेजों के सेंटर रद्द किए जाएंगे। बैठक में सरकारी और निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों की सलाहकार कमेटी गठित करने का भी फैसला किया गया।

Share With:
Rate This Article
No Comments

Leave A Comment