बेराजगारों को हिमाचल सरकार देगी भत्ता, पढ़ें क्या हैं नियम

हिमाचल में बेरोजगारों को भत्ता देने के लिए राज्य सरकार ने सभी जिला रोजगार अफसरों को पांच-पांच करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। 20 से 35 साल के बेरोजगार युवा श्रम एवं रोजगार विभाग की वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन फार्म डाउनलोड कर आवेदन कर सकते हैं।

भत्ता लेने के लिए बैंक खाता होना जरूरी है। आवेदन के 45 दिन के भीतर संबंधित रोजगार केंद्र आवेदन की जांच करेगा। पात्रता सही पाए जाने पर सीधे खाते में पैसा आ जाएगा। इस भत्ते को आरटीजीएस या एनईएफटी या ईसीएस के माध्यम से दिया जाएगा।

भत्ता मंजूर करने की शक्तियां जिला रोजगार केंद्रों के प्रभारी अधिकारियों को होंगी। इसकी पुष्टि उपनिदेशक रोजगार केके शर्मा ने की है। प्रार्थी की ओर से आवेदन के 45 दिन के भीतर रोजगार केंद्रों में यह तय करना होगा कि भत्ता दिया जाए या नहीं।

पात्रता के सही पाए जाने पर इसे आवेदन की तिथि से ही देना होगा। अगर दावा सही नहीं पाया गया तो इसे खारिज किया जा सकता है। रद्द होने की स्थिति में आवेदक श्रम एवं रोजगार निदेशक के समक्ष अपील कर सकता है।

भत्ता मंजूर करने वाली अथॉरिटी ही अपात्र को भत्ता दिए जाने के तथ्य मिलने के बाद इसे खारिज भी कर सकेगी। सामान्य बेरोजगार को 1000 रुपये और विकलांग बेरोजगार को 1500 रुपये मासिक बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।

ऐसे डाउनलोड होगा फार्म और गाइडलाइंस
श्रम एवं रोजगार विभाग की वेबसाइट पर बेरोजगारी भत्ते के फार्म और इसे भरने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। himachal.nic.in/employment/ पर स्कीम्स लिंक में बेरोजगारी भत्ता योजना 2017 को खोलना होगा।

कौन नहीं है हकदार
प्राइवेट, सरकारी-अर्द्धसरकारी नौकरी और स्वरोजगार वाले बेरोजगारी भत्ते के लिए पात्र नहीं होंगे। सरकारी या अर्द्धसरकारी नौकरी से बर्खास्त होने वाले या किसी जुर्म में 48 घंटे या इससे अधिक कैद में रहने वालों को भी यह भत्ता नहीं दिया जाएगा।

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