आर्मी पत्थर खाए तो कुछ नहीं, जीप से बांधा तो परेशानी हो गई: योगेश्वर दत्त

दिल्ली

जम्मू-कश्मीर में युवक को कथित तौर पर सेना द्वारा गाड़ी के आगे बांधकर घूमाने का वीडियो सामने आया, जिसको लेकर कुछ लोगों ने विरोध में प्रतिक्रियाएं दी तो कुछ लोग सेना के समर्थन में खड़े हो गए. वहीं, ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने भारतीय सेना के समर्थन में ट्वीट किए.

योगेश्वर दत्त ने लिखा- बाढ़ से बचाओ, फिर पत्थर खाओ तब तक कुछ लोगों को परेशानी नहीं है अब जब सेना ने मारा नहीं बस हाथ-पैर बाँध दिए तो चिंताजनक स्थिति हो गई.

योगेश्वर दत्त ने अपने ट्वीट में लिखा- “जो लोग पूछ रहे हैं कि कौन कितनी बार कश्मीर गया है तो बता दूं, एसी रूम में बैठ कर सनसनी नहीं फैलाते, हरियाणा के हर घर से एक सेना में जाता है.”

योगेश्वर ने आगे लिखा- “जब ऐसी स्थिति देखते है तो पड़ोस के बचपन के साथियों के लिए मन ख़राब होता है. देश का सम्मान बचाते हुए अपना मान-मर्दन खत्म हो रहा है.”

जिस शख्स को जीप के आगे बांधकर परेड कराई जा रही थी उस शख्स की पहचान हो गई है. जिस शख्स के साथ वह सब हुआ उसका नाम फारुख अहमद डार है. 26 साल के फारुख ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया कि वह पत्थर फेंकने वालों में शामिल नहीं है. उसने कहा, ‘मैं कभी भी पत्थर नहीं फेंके, मैंने अपनी पूरी जिंदगी में पत्थर नहीं उठाया, मैं तो शॉल पर कढ़ाई करने का काम करता हूं, साथ ही थोड़ी बहुत कारपेंट्री करता हूं। मुझे बस यही आता है।’

वीडियो के साथ कहा जा रहा है कि सेना के लोगों ने अपने ऊपर फेंके जाने वाले पत्थरों से बचने के लिए उसको गाड़ी से बांधा हुआ है. बताया जा रहा है कि वीडियो में जो जीप दिख रही है वह बडगाम में हुए उपचुनाव के बाद कश्मीर के इलाके में घूम रही थी.

आर्मी प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने कहा कि वीडियो की जांच की जा रही है. वीडियो में एक सैनिक चिल्लाते हुए भी दिख रहा है. वह कह रहा है कि जो लोग पत्थर फेंकेंगे उनका भी ऐसा ही हाल किया जाएगा.

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