हरियाणा में एक अधिकारी के पास तीन-तीन विभागों का काम

हरियाणा सरकार अफसरों की कमी से जूझ रही है। एक-एक अधिकारी पर काम का अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है। एक अधिकारी दो महत्वपूर्ण विभागों का जिम्मा देख रहे हैं। उन्हें एक-एक तीसरा विभाग और थमा दिया गया है। इसकी बानगी इसी सप्ताह हुए तबादलों में दिख चुकी है। अब सरकार एक और सूची निकालने की तैयारी में है।

अधिकारियाें की कमी का यह आलम है कि इस साल सात-आठ आईएएस अधिकारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इनमें से केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर गए अजीत मोहन शरण 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि केंद्र में कार्यरत 1980 बैच के अशोक लवासा 31 अक्तूबर को और 1982 बैच के केके जालान 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसके अलावा 1983 बैच के राजन गुप्ता 30 सितंबर, 1984 बैच के  एसएस ढिल्लो 31 दिसंबर, 1994 बैच की सुप्रभा दहिया 31 अक्तूबर, 1993 बैच के एसके गोयल 31 मई और 1995 बैच के चंद्र प्रकाश 31 अक्तूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

1989 बैच के अरुण कुमार, 1991 बैच की जी अनुपमा, 1993 बैच की दीप्ति उमाशंकर केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं, जबकि 2001 बैच के पंकज यादव उत्तर प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर हैं। पंकज यादव की हरियाणा वापसी की उम्मीद है, जबकि राज्य के कुछ अन्य अधिकारियों ने प्रतिनिुयक्ति के लिए आवेदन कर रखा है।

सरकार की सूझबूझ से ही विभागों का बंटवारा
हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु इस बात से सहमत हैं कि राज्य में अधिकारियों की कमी है, लेकिन उनका कहना है कि इससे काम प्रभावित नहीं होने दे रहे हैं। सरकार अपनी सूझबूझ से ही विभागों का बंटवारा कर रही है।

Share With:
Rate This Article