बडगाम हिंसा: अलगाववादियों ने किया बंद का ऐलान

नौ राज्यों में रविवार को एक लोकसभा और 10 विधानसभा सीटों पर बाई इलेक्शन के तहत वोटिंग हुई। जम्मू-कश्मीर की श्रीनगर लोकसभा सीट के लिए हिंसा के बीच वोट डाले गए। यहां सिर्फ 7.14% वोटिंग दर्ज की गई। ये अब तक की सबसे कम वोटिंग है। 200 से ज्यादा जगहों पर हिंसक झड़पें हुईं। बड़गाम डिस्ट्रिक्ट में चरार-ए-शरीफ के पास पखारपोरा में पत्थर बरसा रहे प्रदर्शनकारियों और सिक्युरिटी फोर्सेज में भिड़ंत हुई। हिंसक भीड़ पर काबू पाने के लिए फोर्सेज ने फायरिंग की। इस दौरान 8 लोगों की मौत हो गई। इलेक्शन ऑफिशियल्स, सुरक्षाबलों समेत 120 से ज्यादा जख्मी हो गए, जिसके बाद आज अलगाववादियों ने बंद का ऐलान किया है।

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक नेशनल कॉन्फ्रेंस के वर्किंग प्रेसिडेंट उमर अब्दुल्ला ने कहा, “20 साल के अपने राजनीतिक करियर में मैंने चुनाव में इतनी बुरी स्थिति इससे पहले देखी थी, यह राज्य, केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की नाकामयाबी है।” पार्टी प्रेसिडेंट फारूख अब्दुल्ला बोले, “यह सरकार लोगों को वोट डालने के लिए शांतिपूर्ण माहौल देने में फेल साबित हुई है।”
– जम्मू-कश्मीर में बड़गाम के दलवान पखारपोरा में एक पोलिंग स्टेशन के पास प्रदर्शनकारियों और सिक्युरिटी पर्सनल्स के बीच भी भिड़ंत हुई। पोलिंग स्टेशन के पास पेट्रोल बम फोड़ा गया। 2 लोग जख्मी हो गए। बड़गाम के नसरुल्लापोरा एरिया में भी दोनों पक्षों में भिड़ंत हुई, 2 लोग घायल हुए। चुनाव कर्मचारियों, सुरक्षाबलों सहित 120 से अधिक लोग घायल हैं।
– आतंकियों की धमकियों के कारण डेढ़ हजार पोलिंग बूथों पर 12.60 लाख वोटरों में से 90 हजार ने ही वोट दिया। इससे पहले 1999 में यहां 11.93 फीसदी मतदान हुआ था।
– बड़गाम में 70 फीसदी चुनावकर्मी पोलिंग बूथ छोड़कर भाग गए। 14 ईवीएम तोड़ी गईं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी शांतनु ने बताया कि 50 से 100 पोलिंग बूथों पर पुनर्मतदान करवा सकते हैं। उपचुनाव के नतीजे 13 अप्रैल को घोषित होंगे।

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