मिस्र आत्मघाती हमला: तीन महीने तक आपातकाल लागू

मिस्र में बीते रविवार को दो चर्चों में हुए हमलों के बाद आपातकाल लगा दिया गया है। मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल-सीसी ने देश में तीन माह के आपातकाल का ऐलान कर दिया है। राष्ट्रीय रक्षा परिषद की बैठक के बाद राष्ट्रपति निवास पर अपने भाषण के दौरान सीसी ने तीन महीने के आपातकाल का ऐलान किया। रविवार को हुए विस्फोटो में कम से कम 45 लोगों की मौत हो चुकी है। इन हमलों में 119 लोग घायल हुए हैं। मिस्र में आतंकी संगठन आईएसआईएस ने दो चर्चों में धमाके कर 45 लोगों की जान ले ली।

बता दें कि मिस्र के तंता और एलेक्जेंद्रिया शहरों में रविवार की प्रार्थना के दौरान ये हमले किए गए। रविवार को चर्च में भारी भीड़ थी। ये हाल के वर्षों में अल्पसंख्यकों पर हुए सबसे बड़े हमले हैं। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ईसाई कैलेंडर के सबसे पवित्र दिनों में से एक पर चर्चों में दोहरे हमले करने की जिम्मेदारी ली है।

मिस्र के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पहला धमाका नील नदी के डेल्टा वाले शहर तंता के सेंट जार्ज चर्च में हुआ। राजधानी काहिरा से 120 किलोमीटर दूर स्थित तंता शहर के इस कॉप्टिक चर्च में हुए धमाके में 27 लोग मारे गए जबकि 78 घायल हो गए।

सुरक्षा बलों के सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच से पता चला है कि एक व्यक्ति चर्च के अंदर विस्फोटक उपकरण ले गया था। वहीं एक अन्य सूत्र का कहना है कि हमले को एक आत्मघाती हमलावर ने अंजाम दिया। हमलावर ने चर्च में आगे की पंक्ति में बैठे लोगों को निशाना बनाया।

मारे गए लोगों में तंता की अदालत के प्रमुख सैमुअल जार्ज भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, इस धमाके के कुछ घंटे बाद एलेक्जेंद्रिया के मानशिया जिले में एक आत्मघाती हमलावर ने सेंट मार्क चर्च के पास विस्फोट कर दिया। स्वास्थ्य मंत्री अहमद इमाद ने एक टीवी न्यूज चैनल से कहा कि इस हमले में कुछ पुलिसकर्मियों समेत कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई जबकि 41 अन्य घायल हो गए हैं।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि हमलावर शरीर पर विस्फोटक बांधे हुए था और उसकी मंशा एलेक्जेंद्रिया के चर्च के अंदर खुद को उड़ाने की थी लेकिन सुरक्षा बलों ने पहले ही उसे रोक लिया।

इस प्रयास में एक महिला और एक पुलिसकर्मी मारे गए। बयान के मुताबिक, हमले के समय पोप तावड्रोस द्वितीय चर्च के अंदर ही थे। हालांकि उन्हें धमाके में कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि मिस्र कॉप्टिक चर्च की ओर से कहा गया है कि पोप हमले से कुछ देर पहले ही वहां से निकल गए थे।

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने इन हमलोें की जिम्मेदारी ली है। सोशल मीडिया पर आईएस की प्रचार न्यूज एजेंसी अमाक के मुताबिक, इन हमलों को आईएस के दस्तों ने अंजाम दिया। उधर, तंता में सुरक्षा बलों ने सिदी अब्देल रहीम मस्जिद में दो विस्फोटकों को निष्क्रिय कर दिया।

इस मस्जिद में एक सूफी दरगाह भी है। इसे शहर की दूसरी सबसे अहम मस्जिद माना जाता है। राष्ट्रपति अब्देल फहत अल-सीसी ने इन हमलों की निंदा की है। उन्होंने कहा कि मिस्र ऐसे हमलों को मान्यता नहीं देता है।

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