कॉल सेंटर स्कैम का साजिशकर्ता गिरफ्तार, गर्लफ्रेंड को गिफ्ट की थी ऑडी कार

ठाणे

दो हजार करोड़ रुपए के कॉल सेटर ठगी के मास्टरमाइंड सागर ठक्कर उर्फ शैगी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात दुबई से प्रत्यर्पण के बाद सागर जब मुंबई हवाई अड्डा पहुंचा, तो उसे गिरफ्तार किया गया. पिछले साल यह मामला उजागर होने के बाद से ही वह फरार था. पिछले साल चार अक्टूबर की रात पुलिस ने ठाणे जिले की मीरा रोड स्थित कॉल सेंटरों पर छापा मारा था. उसी समय यह मामला उजागर हुआ था.

इसके बाद पुलिस ने अहमदाबाद में भी इस रैकेट के सिलसिले में छापेमारी की थी. उस समय 70 से अधिक लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था. इनमें से ज्यादातर निदेशक स्तर के अधिकारी थे. 700 से अधिक कर्मचारियों को हिरासत में भी लिया गया था.

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गिरफ्तार निदेशकों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को इस रैकेट के सरगना के तौर पर 24 वर्षीय सागर का नाम लिया था. इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए सात अक्टूबर को लुक आउट सर्कुलर जारी किया था. लेकिन, उससे दो दिन पहले ही वह देश से बाहर भाग गया था. सागर संरक्षण देने वाले मुंबई के कारोबारी जगदीश कनानी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

बता दें कि सागर और उसके साथी फर्जी कॉल सेंटर के जरिए भारतीय टेली-कॉलरों की मदद से अमेरिकी लोगों से पैसे ठगते थे. ठाणे के आधा दर्जन कॉल सेंटरों से वर्ष 2013 से ही यह रैकेट चल रहा था. इस रैकेट से जुड़े लोग ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा भी फोन करते थे और खुद को वहां के रेवेन्यू सर्विसेस का अधिकारी बताकर लोगों से वसूली करते थे.

अमेरिकी न्याय विभाग ने इस रैकेट में अमेरिका और भारत के 60 से अधिक लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया था. अमेरिका के आंतरिक मामलों के सुरक्षा सचिव जे जॉनसन ने कहा था कि इस रैकेट के जरिए अमेरिकी लोगों को तीस करोड़ डॉलर (लगभग दो हजार करोड़ रुपए) का चूना लगाया गया. अमेरिकियों को भारतीय समय के अनुसार रात में कॉल किया जाता था, क्योंकि उस समय वहां दिन होता है.

सागर ठक्कर ठगी के पैसों से ऐश कर रहा था. वह पांच सितारा होटलों में रूकता और महंगी कारों में घूमता था. बताया जाता है कि उसने ठगी के पैसे से करीब 2.5 करोड़ रुपए के कीमत की ऑडी कार अपनी गर्लफ्रेंड को गिफ्ट की थी. सूत्रों के मुताबिक सागर ने क्रिकेटर विराट कोहली की 2.3 करोड़ रुपए की ऑडी 60 लाख रुपए में खरीदी थी. पुलिस के मुताबिक कोहली गाड़ी के खरीदार को नहीं जानते थे, क्योंकि यह डील एक कार ब्रोकर ने कराई थी.

गुजरात पुलिस ने चलते वाहन से फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले गिरोह के पांच लोगों को पकड़ा है. पुलिस ने तीन वाहन भी जब्त किए हैं. गिरोह फोन पर सस्ता कर्ज का लालच देकर अमेरिकियों को ठगता था.

सहायक पुलिस आयुक्त राजदीपसिंह झाला ने बताया कि पहले आरोपी एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से कॉल सेंटर चला रहे थे, लेकिन पुलिस की नजरों से बचने के लिए तीन माह पहले चलते वाहन से इसे चलाने लगे. आरोपियों के नाम अनूज गिरि (25 साल), अभिषेक राजपूत (24), सौरभ यादव (21), दीपक बनवारी (24) और विवेक ठाकोर (24) हैं.

बताया जा रहा है कि आरोपी सड़क किनारे वाहन खड़ा कर नकली नाम से अमेरिकी अंग्रेजी लहजे में अमेरिकी नागरिकों को फोन करते थे और सस्ते कर्ज की पेशकश करते थे. उनसे आईट्यून गिफ्ट कार्ड के जरिए प्रोसेसिंग फीस मांगते थे. कार्ड का नगदीकरण कराने के बाद वे पीड़ित से संपर्क तोड़ देते थे. पुलिस ने मैजिक जैक एप्लीकेशन व अन्य गैजेट्स भी जब्त किए हैं. इनसे आरोपियों के नंबर व लोकेशन का पीड़ितों को पता नहीं चल पाता था.

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