ओंटैरियो विधानसभा में 1984 सिख दंगा मामला को लेकर प्रस्ताव पास किया, भारत ने दिया जवाब

कनाडा के ओंटैरियो प्रांत की विधानसभा ने एक प्रस्ताव पारित कर भारत में 1984 में हुए दंगों को आधिकारिक तौर पर सिख नरसंहार माना है। वहीं, भारत ने प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि भारत के नजरिए के बारे में कनाडा की सरकार और वहां के राजनीतिक नेतृत्व को जानकारी दे दी गई है।

बागले ने कहा, ‘हमने छह अप्रैल को ओंटैरियो की विधानसभा में एक निजी सदस्य का प्रस्ताव पारित किए जाने पर गौर किया है । हम इस भटकाने वाले प्रस्ताव को खारिज करते हैं। यह प्रस्ताव भारत, इसके संविधान, समाज, मूल्यों, कानून के शासन और न्यायिक प्रक्रिया की सीमित समझ पर आधारित है।’ उन्होंने कहा, ‘हमारे नजरिए से कनाडा की सरकार और वहां के राजनीतिक नेतृत्व को अवगत करा दिया गया है।’

बता दें कि ओंटैरियो प्रांत की विधानसभा में लिबरल पार्टी के सदस्य हरिंदर मल्ही की ओर से लाए गए प्रस्ताव में कहा गया, ‘इस सदन की राय में हम जिन न्याय, मानवाधिकार और निष्पक्षता जैसे मूल्यों को मानते हैं, उनके प्रति अपनी प्रतिबद्धता फिर से जाहिर करते हैं। हम पूरे भारत में सिखों के खिलाफ हुए 1984 के नरसंहार सहित भारत एवं दुनिया में कहीं भी सांप्रदायिक हिंसा, नफरत, दुश्मनी, पूर्वाग्रह, नस्लभेद और असहनशीलता के सभी स्वरूपों की निंदा करते हैं। हम सभी पक्षों से सत्य, न्याय और मेलजोल को अपनाने की अपील करते हैं।’

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