चाहे सीबीआई से जांच करवा लो, कुछ नहीं मिलेगा- धूमल

नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने जालंधर स्थित फैक्टरियों में विजिलेंस ब्यूरो की छापामारी को प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को चुनौती दी कि वे विजिलेंस से तो क्या, सीबीआई से भी जांच करवा लें तो भी उनके खिलाफ कुछ नहीं मिलेगा।

विजिलेंस कार्रवाई की बात पंजाब के मुख्यमंत्री पर टालने पर धूमल बोले – कैप्टन अमरिंद्र सिंह इस तरह की कार्रवाई नहीं कर सकते। वर्ष 2002-03 में कैप्टन अमरिंद्र सिंह ने हमीरपुर में उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके लिए वे प्रदेश हाईकोर्ट में माफी मांग चुके हैं।

धूमल ने आय से अधिक संपत्ति मामले पर हो रही कार्रवाई पर उनका, अनुराग ठाकुर और वित्त मंत्री अरुण जेटली का नाम घसीटने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कहा कि यह मामला यूपीए सरकार के समय का है। अरुण जेटली तब राज्यसभा सदस्य थे। तब से वीरभद्र पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को उठाते रहे हैं। 2013 में सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने न्यायालय में पीआईएल दायर की थी। इसके बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।

धूमल का तीखा हमला, कहा स्कूटर से ढोए सेब
धूमल ने कहा कि भाजपा नेताओं के हाथ-मुंह नहीं बंधे हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ वे हर मंच पर बोलेंगे। 2008-09 में वीरभद्र सिंह ने अपनी आयकर रिटर्न में 47.35 लाख आय दर्शाई, लेकिन बाद में इसे गलत बताते हुए 6.56 करोड़ दर्शा दिया।

सेब की ढुलाई में स्कूटर और मोटरसाइकिल के बिल दिखाए। उन्होंने चुटकी ली कि चौपाल में जब वे पार्टी कार्यक्रम में गए तो कुछ लोगों ने कहा कि आय से अधिक संपत्ति मामले में लाला बाहर है, जबकि मुनीम जेल के अंदर है।

शराब ठेकों के लिए एनएच को डी-नोटिफाई करने पर धूमल बोले – सरकार कुछ मामलों में पॉलिटिकल एडजस्टमेंट को निर्णय ले रही है। भाजपा इस पर गहन विचार विमर्श करेगी। उनके साथ विधायक रविंद्र रवि, गोविंद ठाकुर, राकेश ठाकुर, सुरजीत सिंह और अंकुश दत्त मौजूद रहे।

धूमल की संपत्ति जांचने गई विजिलेंस टीम रिकॉर्ड लेकर लौटी
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की कथित संपत्तियों की जांच के लिए पंजाब में डेरा डाले विजिलेंस टीम लौट आई है। कथित संपत्ति का कुछ रिकॉर्ड हासिल करने में विजिलेंस कामयाब हुई है लेकिन इन दस्तावेजों को खंगालने के बाद ही जांच टीम किसी नतीजे पर पहुंचेगी। पंजाब में धूमल परिवार से जुड़ी हुई कथित संपत्तियों के रिकॉर्ड कब्जे में लेने के  लिए पंजाब सरकार से भी मदद मांगी गई है।

धूमल के खिलाफ विजिलेंस के पास जो शिकायत पत्र है, उसमें दर्ज कथित संपत्ति के पते को खंगालने के लिए जांच टीम के पसीने छूट गए। विजिलेंस टीम ने पंजाब सरकार से  इन पतों को क्रॉस चेक करवाने और इससे संबंधित दस्तावेजों को देने का आग्रह किया है।

पंजाब सरकार की ओर से पूरे तथ्य देने का भरोसा दिया गया है। विजिलेंस की ओर से पंजाब सरकार को थमाई गई सूची के तथ्य आने में अभी एक सप्ताह का समय लगेगा। अगर इसमें कथित संपत्ति के सबूत सामने आते हैं तो विजिलेंस एफआईआर दर्ज करने में देर नहीं करेगी। इस मामले में अगर शिकायत झूठी पाई जाती है तो यह वीरभद्र सरकार के लिए एक बड़े झटके से कम नहीं होगा।

बता दें कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खास और तेज तर्रार अफसर में शामिल एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। मुख्यमंत्री पर सीबीआई और ईडी के शिकंजे के बाद स्टेट विजिलेंस की एक टीम धूमल की कथित संपत्ति की जानकारी जुटाने के लिए पंजाब गई थी। वीरवार रात को टीम लौट आई है।

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