साक्षी मलिक के कोच को लेकर फिर विवाद, पढ़ें पूरा मामला

रियो ओलंपिक में देश को पहला मेडल दिलवाने वाली पहलवान साक्षी मलिक के कोच कुलदीप मलिक को लेकर फिर से विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश सरकार ने ओलंपिक कोच मानने से इंकार कर दिया है।

इस कारण उनको सम्मान नहीं दिया जा रहा है। सम्मान न मिलने से कुश्ती के चीफ कोच कुलदीप का दर्द छलकने लगा है। बॉक्सिंग कोच जगदीप हुड्डा भी सरकार की अनदेखी का शिकार हो रहे हैं उन्होंने ने भी सरकार के प्रति नाराजगी जताई।

पहलवान साक्षी मलिक के मेडल जीतने में महिला कुश्ती के चीफ कोच कुलदीप मलिक का अहम रोल था। रेलवे में साक्षी के कुलदीप ही कोच रहे। ओलंपिक से पहले नेशनल कैंप में भी लगातार तीन महीने तक कुलदीप ने महिला पहलवानों को कुश्ती के दांवपेंच सिखाए थे।

सरकार उनके साथ वादा करके भूल गई
साक्षी के मेडल जीतने के बाद केंद्र व हरियाणा सरकार ने उनको 10 लाख रुपये देकर सम्मानित करने की घोषणा की थी। प्रदेश में महरूम कुलदीप को केंद्र से 10 लाख रुपये मिल गए तो रेलवे ने भी उनको सम्मानित किया था, लेकिन हरियाणा सरकार उनके साथ वादा करके भूल गई।

बुधवार को सोनीपत में बातचीत के दौरान कुलदीप ने बताया कि पहली बार किसी कोच के सहारे तीन महिला पहलवान ओलंपिक तक गई और वहां मेडल भी जीता। इसके बावजूद कोच की इस तरह अनदेखी की जाएगी तो शायद ही आगे कोई पहलवान तैयार करने में इतनी मेहनत करेगा।

कुलदीप ने बताया कि वे मंगलवार को इस मामले में सीएम मनोहर लाल खट्टर से मिले। उन्होंने कमेटी बनाकर जल्द कुछ करने का आश्वासन दिया।

Share With:
Rate This Article
No Comments

Leave A Comment