यात्रियों की ‘अंगुली’ बनेगी बोर्डिंग पास, जानिए कैसे

सरकार प्लेन के पैसेंजर्स के लिए आधार बेस्ड बुकिंग एंड बोर्डिंग सिस्टम लाने पर विचार कर रही है। इस सिस्टम से पैसेंज की उंगली ही उसका टिकट और बोर्डिंग पास बन जाएगी। यह बात सिविल एविएशन मिनिस्टर पी. अशोक गजपति राजू ने कही।

पायलट फेज रहा है कामयाब
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक मिनिस्टर राजू ने बुधवार को रेल भवन में एक प्रोग्राम से इतर मीडिया से बातचीत में कहा, “आधार कार्ड से टिकट बुकिंग का पायलट फेज कामयाब रहा है। अब एविएशन इंडस्ट्री से जुड़े पक्ष इस बारे में गंभीरता से विचार कर रहे हैं।”
– राजू ने बताया, “आधार से जुड़ा बॉयोमेट्रिक डाटा ही पैसेंजर की पहचान का जरिया बनेगा। इसका मतलब है कि पैसेंजर को उसकी उंगली के निशान से पहचाना जाएगा और उसी आधार पर उसे प्लेन में सवार होने दिया जाएगा।”

रेल टिकट भी आधार से बुक करने की स्कीम पर विचार
– राजू के मुताबिक इस सिस्टम से कागज का इस्तेमाल घटेगा और तमाम प्रॉसेस आसान हो जाएंगे। इसी तरह रेलवे के टिकट भी आधार के जरिए बुक करने को जरूरी करने की एक स्कीम पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार आधार कार्ड को अनेक सर्विसेज से जोड़ कर सिविल सर्विसेज को आसान बनाने की कोशिश कर रही है।

सिर्फ इंडियन रेजीडेंट्स को ही ITR में आधार का जिक्र करने की जरूरत
– आईटी डिपार्टमेंट की तरफ से जारी बयान के मुताबिक सिर्फ भारत में रहने वालों को ही इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए उसमें आधार कोट करना होगा। डिपार्टमेंट ने 2017-18 के असेसमेंट के लिए आधार को मैंडेटरी (अनिवार्य/जरूरी) कर दिया है।
– बता दें कि सरकार ने फाइनेंस एक्ट 2017 के तहत टैक्सपेयर्स के लिए आधार कोट करना या ITR फाइल करते वक्त एनरोलमेंट ID देना जरूरी कर दिया है।

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