AJL प्लॉट आवंटन केस में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ CBI ने दर्ज की FIR

हरियाणा के बहुचर्चित प्लॉट आवंटन घोटाले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर ली है। विजिलेंस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर में भी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को आरोपी बनाते हुए सबसे पहला नाम लिखा गया है।

दूसरे नंबर पर विभागीय अधिकारी और तीसरे नंबर पर अलाटियों के नाम हैं।बता दें कि जनवरी 2016 में विजिलेंस ब्यूरो से घोटाले का रिकार्ड हासिल करके सीबीआई ने अपनी जांच शुरू की थी।

सीबीआई ने हरियाणा सरकार के अधिकारियों को नोटिस भेजकर पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा। इसमें कई मौजूदा और पूर्व अधिकारी भी शामिल रहे। हरियाणा सरकार ने पिछले साल 19 दिसंबर को यह मामला जांच के लिए सीबीआई के हवाले किया था।

जनवरी महीने की शुरुआत में सीबीआई ने इस केस से संबंधित सारा रिकार्ड विजिलेंस से लेकर अपने स्तर पर कार्रवाई शुरू की थी। सीबीआई ने अब जांच को आगे बढ़ाते हुए मामले में आरोपी बनाए गए सभी अधिकारियों को नोटिस जारी कर पेश होने के लिए कहा था।

मई 2016 में हुड्डा के ठिकानों पर पड़ा था छापा
मई 2016 में मामले की जांच के तहत पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर सीबीआई की टीम ने पंचकूला में छापामारी की थी। कुल 17 जगहों पर छापा पड़ा था। कार्रवाई करते हुए टीम ने हुडा के पंचकूला ऑफिस में छापा मारकर जरूरी रिकॉड कब्जे में ले लिया था। गौरतलब है कि हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2011 में पंचकूला में औद्योगिक प्लॉट आवंटित करने के लिए आवेदन मांगे गए थे।

ये प्लॉट 496 स्केवयर मीटर से लेकर 1280 स्केवयर मीटर तक के थे,  जिसके लिए हुडा के पास 582 आवेदन आए थे। अलॉटमेंट के लिए 14 का चयन किया गया था। इस आवंटन में जमकर भाई भतीजावाद हुआ था। पूर्व सरकार ने अपने चहेतों को नियमों का उल्लंघन करके पंचकूला में 14 औद्योगिक प्लाट अलॉट किए गए। इन चहेतों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी रिश्तेदार भी शामिल थे।

खट्टर सरकार ने सत्ता में आते ही इस मामले की जांच विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दी थी। विजिलेंस ने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की ​थी।

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