सिंगापुर में भारतीय IT प्रोफेशनल्स के वीजा ब्लॉक

अमेरिका द्वारा एच1बी वीजा को लेकर लगाए जा रहे कयासों के बीच सिंगापुर में काम करने के लिए आईटी प्रफेशनल्स को मिलने वाले वीजा पर रोक लगा दी है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक भारत सरकार द्वारा ट्रेड पैक्ट का हवाला देते हुए शुरू की गई व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईसीए) की समीक्षा तुरंत रोकनी पड़ी है।

दरअसल सिंगापुर में भारतीय कर्मचारियों को अमेरिका का तर्ज पर स्थानीय कर्मचारियों को नौकरनी पर रखने को कहा जा रहा है। गौरतलब है कि HCL और TCS सबसे पहले सिंगापुर में बिजनेस करने गई थीं। इनके बाद इन्फोसिस, विप्रो, कॉग्निजंट और एलऐंडटी इन्फोटेक जैसी बड़ी कंपनियां सिंगापुर गईं।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में नैसकॉम के अध्यक्ष आर चंद्रशेखर ने कहा कि वीजा की समस्या 2016 से शुरू हुई और तभी से इसमें कटौती होती जा रही है। उन्होंने कहा कि- भारतीय कंपनियों को विचार करने को कहा जा रहा है। जिसका सीधा मतलब है कि कंपनियां स्थानीय लोगों को नौकरी पर रखें।

खबर के मुताबिक एक अधिकारी ने बताया है कि लोगों को किसी भी व्यावहारिक मकसद के लिए वीजा नहीं मिल रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया को सूत्रों ने बताया कि- सिंगापुर की अथॉरिटीज ‘इकनॉमिक नीड्स टेस्ट (ईएनटी)’ पर जोर दे रही हैं जिसमें कुछ आर्थिक पैमानों पर खरा उतरना होता है। दरअसल यह टेस्ट एक प्रकार से भारतीय पेशेवरों को जॉब देने से रोकता है।

खबर के मुताबिक सिंगापुर हाल में ऐसे देशों की लिस्ट में शुमार होता जा रहा है जो विदेशी पेशेवरों को नौकरी देने के खिलाफ हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया को एक भारतीय अधिकारी ने बताया कि सिंगापुर यह सब तब कर रहा है जब सीईसीए में स्पष्ट कहा गया है कि जिन सेवाओं पर समझौते हुए उनमें कोई ईएनटी या कोटा नहीं होगा।

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