IGMC में चल रही मनमानी को रोकने के लिए सरकार ने जारी की गाइडलाइंस

ऑपरेशन का सामान मंगाने के नाम पर आईजीएमसी में हो रही मनमानी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने डॉक्टरों को निर्देश जारी किए हैं कि वे ऑपरेशन का सामान मंगवाने के लिए तीमारदारों को किसी भी प्राइवेट दुकान पर नहीं भेजेंगे। सरकार ने यह कदम हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष की ओर से डॉक्टरों द्वारा निर्धारित प्राइवेट दुकानों से सामान मंगवाने के कथित आरोप के बाद उठाया है। सरकार का कहना है कि सरकारी दुकानों के अलावा जल्द ही अमृत योजना के तहत दुकानें खुलने से लोगों को सस्ती दरों में सामान मिल सकेगा। सरकार के इस कदम के बाद सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को राहत मिलेगी।

कमीशनखोरी रोकने को उठाया कदम, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
दरअसल, लंबे समय से बात सामने आ रही थी कि आईजीएमसी जैसे संस्थानों में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों के ऑपरेशन के लिए खरीदे जाने वाले सर्जिकल आइटमों को तय दुकानों से ही खरीदने के लिए डॉक्टर दबाव बनाते थे। यह भी आरोप था कि लाखों रुपये के सर्जिकल आइटम खरीदने की लिस्ट देकर तीमारदार से सामान ले लिया जाता है लेकिन ऑपरेशन में कितना सामान इस्तेमाल हुआ यह नहीं पता चलता।

इसके अलावा उस सामान को उसी दुकान पर दोबारा भेजकर भी कमाई की जा रही है। विधानसभा सत्र के दौरान भी भाजपा विधायकों ने इस मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद सरकार ने सख्ती शुरू की है। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने बताया कि अमृत योजना के तहत जल्द दुकानें खोलने का प्रयास किया जा रहा है ताकि सस्ती दरों पर तीमारदार दवाएं व उपकरण खरीद सकें।

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