तीन साल पहले हुई कैदी की मौत पर HC ने पूरे अमले को तलब किया

बुड़ैल जेल में सजा काट रहे कैदी की गत वर्ष जनवरी में अस्वाभाविक मौत के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए अब चंडीगढ़ के डीसी को हाईकोर्ट में तलब कर लिया है। हाईकोर्ट के आदेशों के अनुरूप बुधवार को एडीसी, एसएसपी, मॉडर्न जेल बुडैल के सुपरिंटेंडेंट तथा सेक्टर 34 के एसएचओ हाजिर हुए थे। समय की कमी के चलते इस मामले में ज्यादा देर सुनवाई नहीं हो सकी इसके बाद हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर अब डीसी, एसएसपी, सुपरिंटेंडेंट मॉडर्न जेल बुडै़ल तथा सेक्टर 34 के एसएचओ को खुद हाजिर रहने के आदेश दिए हैं।

मामला तीन साल पहले का है। 2014 में सेक्टर-34 थाना क्षेत्र में चोरी की वारदात में याची विजय को पांच साथियों सहित गिरफ्तार किया गया था। इसमें जिला अदालत ने अजय को तीन साल की सजा सुनाई थी। सात महीने तक बुड़ैल जेल में सजा काटने के बाद उसने सजा की सस्पेंशन  के लिए हाईकोर्ट में एडवोकेट रविंदर कौर मनाइसे के माध्यम से याचिका दाखिल की थी।

याचिका पर जब यूटी प्रशासन और पुलिस को नोटिस हुआ तो पुलिस ने कस्टडी सर्टिफिकेट सौंपते हुए बताया कि याची की मौत हो चुकी है। पुलिस ने बताया कि याची की तबीयत खराब हो गई थी और इसके बाद उसे जीएमसीएच-32 में इलाज के लिए ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

एक दिन पहले ही हुई थी बात, ठीक था
इस मामले में मृतक अजय के परिजनों ने पुलिस को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया था। उनका कहना था कि अजय की मौत से एक दिन पहले ही उनकी उससे बात हुई थी। तब वह बिल्कुल ठीक था। ऐसे में कैसे एकदम बीमार होकर उसकी मौत हो सकती है? परिजनों ने कहा कि पुलिस के अनुसार जीएमसीएच-32 में अजय की मौत हुई, जेल प्रशासन ने परिजनों को एक जानकारी तक क्यों नहीं दी?

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान सेक्टर 34 के एसएचओ को इनक्वेस्ट रिपोर्ट के साथ तलब किया था। आदेशों का पालन न होने पर उसकी सैलरी अटैच करने के आदेश जारी कर दिए थे। इसके बाद एसएचओ रिकार्ड तो ले आया लेकिन इनक्वेस्ट रिपोर्ट नहीं आई जिससे मौत के कारणों के बारे में पता चल सके। इसके बाद हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए पिछली सुनवाई पर सभी आला अधिकारियों को तलब किया था।

कहा, निमोनिया से हुई थी मौत
बुधवार को कोर्ट में मौजूद अफसरों  की ओर से बताया गया कि रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। उन्होंने बताया कि ज्यूडिशियल इंक्वायरी मे यह सामने आया है कि कैदी की मौत निमोनिया से हुई थी, हालांकि इस बारे में रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई। रिपोर्ट के अभाव में दलील से असंतुष्टि जताते हुए जस्टिस फतेहदीप सिंह की बेंच ने सुनवाई 19 अप्रैल तक टालते हुए अगली सुनवाई पर डीसी, एसएसपी, बुडै़ल जेल के सुपरिंटेंडेंट और सेक्टर 34 के एसएचओ को खुद हाजिर रहने के आदेश दिए हैं।

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