चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर हरियाणा की एफिडेविट पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई

चंडीगढ़

चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट मामले की सुनवाई के दौरान मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डिविजन बैंच में हरियाणा सरकार की तरफ से एफिडेविट फाइल किया गया है. जिसमें कहा गया है कि दिसम्बर, 2014 में हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने हिसार एयरपोर्ट को इंटरनैशनल एयरपोर्ट बनाने का ऐलान किया था.

हरियाणा की ओर से कहा गया था कि हिसार एयरपोर्ट के इंटरनेशनल एयरपोर्ट में तबदील होने से दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट का रश कम हो जाएगा, दूसरी ओर एक लैटर भी सामने आया है, जिसे हरियाणा सरकार के सिविल एविएशन डिपार्टमैंट के प्रिंसिपल सैक्रेटरी की ओर से मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन, नई दिल्ली को भेजा गया था.

लैटर में कहा गया था हिसार के एयरपोर्ट को इंटरनैशनल एयरपोर्ट बनाने के लिए साइट क्लीयरैंस की मंजूरी मांगी है. सरकार ने कहा है कि हिसार एयरपोर्ट पर 196 एकड़ की जमीन है. एयरपोर्ट के साथ लगती 3200 एकड़ जमीन की पहचान भी कर ली गई है जिसका इस्तेमाल एकीकृत विमानन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए किया जाएगा. इसके लिए सरकार चेन्नई की एक कंपनी की भी सलाह ले रही है.

विकास के पहले चरण में वर्तमान रनवे को 4 हजार फीट से 5 हजार फीट करना, नाइट लैंडिंग सुविधा, मैंटिनैंस, रिपेयर, ओवरहॉल (एम.आर.ओ.) के लिए अतिरिक्त हैंगर्स समेत टर्मिनल बिल्डिंग की रिनोवेशन शामिल है.

कंसलटैंस की सिफारिशों के आधार पर एयरोसिटी कंप्राइजिंग ऑफ हाऊसिंग/कमर्शियल डिवैल्पमैंट, ग्लोबल ट्रेनिंग सैंटर फॉर पॉयलट्स/इंजीनियर्स/ग्राऊंड हैंडलिंग स्टाफ, एविएशन यूनिवर्सिटी, एडवेंचर एयरोस्पोर्ट्स, एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स व फिक्सड बेस्ड ऑप्रेशंस भी इस चरण में शामिल किए जाएंगे. मामले में 6 जनवरी की एक मीटिंग का हवाला भी दिया गया है जिसमें फिसिबिलिटी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के निर्णय पर भी विचार किया गया.

सरकार द्वारा मांग की गई है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया हिसार को इंटरनैशनल एयरपोर्ट बनाने की दिशा में प्रयास करे. मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन से हिसार- करनाल को रीजनल कनैक्टिविटी स्कीम (आर.सी.एस.) में शामिल किए जाने की मांग भी की गई थी.

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