यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ बोले, सूर्य नमस्कार और नमाज में काफी समानता

लखनऊ

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सूर्य नमस्कार को नमाज का मिलता-जुलता स्वरूप बताया है. उन्होंने कहा कि कुछ समाज को तोड़ने वाले लोगों की वजह से सूर्य नमस्कार का विरोध किया जाता रहा है. योगी ने कहा कि सूर्य नमस्कार में जितने आसन और मुद्राएं आती हैं वह मुस्लिम बंधुओं के नमाज पढ़ने की क्रिया से मिलती-जुलती हैं.

योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में आयोजित 3 दिवसीय योग शिविर में ये बातें कहीं. उन्होंने बुधवार को विपक्षी पार्टियों पर तंज कसते हुए कहा कि सूर्य नमस्कार और नमाज के मिलते-जुलते स्वरूप के बारे में किसी ने प्रचार नहीं किया.

उन्होंने कहा, ‘कुछ लोगों को योग में नहीं, भोग में विश्वास है. ये वही लोग हैं, जिन्होंने समाज को तोड़ा है और जाति धर्म के आधार पर बांटा है.’ उन्होंने कहा कि योग कई बीमारियों में लाभप्रद है. योग करने वाला व्यक्ति शुरू से अंत तक स्वस्थ रहता है. यूपी सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेगी.

योगी आदित्यानाथ ने साथ ही एक बड़ा बयान भी दिया. उन्होंने कहा कि लोग साधु-संतों को भीख तक नहीं देते, लेकिन देश के पीएम मोदी ने मुझे सीएम बना दिया. यूपी के सीएम ने कहा, ‘पीएम ने मुझे यूपी का सीएम बना दिया. हम बड़े फैसले लेने में हिचकेंगे नहीं. पूरा यूपी घूमा हूं और इसकी सभी बीमारियों का इलाज भी करूंगा.’ योगी ने साथ ही कहा, ‘जब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मुझे सीएम बनने की बात बताई तो मेरे पास एक जोड़ी ही कपड़े थे.’

योग का देश में अभी तक ज्यादा बढ़ावा नहीं मिलने का कारण पूर्ववर्ती सरकार की नीतियों को बताते हुए यूपी के सीएम ने कहा, ‘अगर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव 2014 के पहले आता तो क्या होता? उस समय भी इसे सांप्रदायिक माना जाता. हम सबको यह तय करना होगा कि वास्तव में सांप्रदायिक कौन है. पीएम मोदी ने पूरी दुनिया में योग को फैलाया. उसे बढ़ावा दिया. उन्हीं के प्रयास के कारण दुनिया के 192 देश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के हिस्सा हैं.’

Share With:
Rate This Article