‘साउथ चाइना सी में किसी भी वक्त वॉरप्लेन तैनात कर सकता है चीन’

अमेरिकी स्टडी में कहा गया है कि विवादित आईलैंड्स पर चीन काफी मिलिट्री कंस्ट्रक्शन कर चुका है।
वॉशिंगटन. एक अमेरिकी थिंक टैंक ने कहा है कि चीन किसी भी वक्त साउथ चाइना सी बनाए आर्टिफिशियल आईलैंड्स में वॉरप्लेन्स डिप्लॉय कर सकता है। ये भी कहा कि आईलैंड्स पर चीन काफी मिलिट्री कंस्ट्रक्शन कर चुका है।

स्प्राटली आईलैंड्स पर चीन ने बनाया है बेस
– अमेरिका के एशिया मैरिटाइम ट्रांसपेरेंसी इनीशिएटिव (AMTI), वॉशिंगटन के सेंटर फॉर स्ट्रैटजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज चीन की साउथ चाइना सी पर स्ट्रैटजी को लेकर एक रिपोर्ट पेश की।
– स्टडी में बताया गया है कि चीन ने स्प्राटली आईलैंड्स के फियरी क्रॉस, सुबी और मिसचीफ रीफ्स पर नेवल, एयर रडार और डिफेंस फैसिलिटीज स्थापित कर लिए हैं।
– AMTI के डायरेक्टर ग्रेग पोलिंग के मुताबिक, “मार्च में सैटेलाइट से गई तस्वीरें बताती हैं कि फियरी क्रॉस और सुबी पर नए रडार एंटीना लगाए गए हैं। इससे साफ है कि चीन आने वाले दिनों में आर्टिफिशियल आईलैंड्स पर वॉरप्लेन्स उतार सकता है।”
– वहीं, चीन साउथ चाइना सी में सैन्यीकरण के अमेरिका के आरोपों को नकारता रहा है। पिछले हफ्ते चीन के पीएम ली केकियांग ने कहा था कि विवादित आईलैंड्स पर डिफेंस इक्विपमेंट्स भेजना इलाके में नेविगेशन की आजादी को बरकरार रखना है।

क्या है विवाद की असल वजह?
– साउथ चाइना सी का लगभग 35 लाख स्क्वेयर किलोमीटर का एरिया विवादित है।
– इस पर चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ताइवान और ब्रुनेई दावा करते रहे हैं।
– साउथ चाइना सी में तेल और गैस के बड़े भंडार दबे हुए हैं।
– अमेरिका के मुताबिक, इस इलाके में 213 अरब बैरल तेल और 900 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नेचुरल गैस का भंडार है।
– वियतनाम इस इलाके में भारत को तेल खोजने की कोशिशों में शामिल होने का न्योता दे चुका है।
– इस समुद्री रास्ते से हर साल 7 ट्रिलियन डॉलर का बिजनेस होता है।
– चीन ने 2013 के आखिर में एक बड़ा प्रोजेक्ट चलाकर पानी में डूबे रीफ एरिया को आर्टिफिशियल आइलैंड में बदल दिया।
– अमेरिका और चीन एक-दूसरे पर इस क्षेत्र का ‘मिलिटराइजेशन’ (सैन्यीकरण) करने का आरोप लगाते रहे हैं।

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