पंजाब यूनिवर्सिटी ने खर्च पर काबू पाने के लिए बढ़ाई छात्रों की फीस, विरोध शुरू

चंडीगढ़

पंजाब यूनिवर्सिटी का इस साल वित्तिय घाटा 244 करोड़ रुपए आंका गया है, जिसे कम करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपने कई कोर्सेज की फीस बढ़ा दी है.

वहीं, इस फीस बढ़ोत्तरी का सीधा असर छात्रों के बजट पर पड़ा है, जिसे लेकर यूनिवर्सिटी छात्रों ने पीयू के इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है.

बताया जा रहा है कि पीयू की हर बैठक का मुख्य एजेंडा भी इसी वित्तिय घाटे से पार पाना ही बना हुआ है. यूनिवर्सिटी का वित्तिय घाटा 244 करोड़ रुपए आंका गया और इस वित्तिय घाटे को पाटने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सीधे तो पर अपने कई कोर्सेज की फीस बड़े स्तर पर बढ़ा दी है.

यहां जानें कितनी बढ़ाई गई है कई कोर्सेज की फीस-

एलएलबी तीन वर्षीय कोर्स- 4,000 से 25,000 रुपए

एमपीएड- 3,280 से 15,000

बीफार्मा- 5,080 से 50,000

एमएससी बायोटेक- 11,180 से 25,000

एमटेक- 14,690 से 30,000

एम फार्मेसी- 14,690 से 40,000

एमबीए- 9,400 से 1,00,000

एमई- 12,850 से 40,000

एमलिब- 5,920 से 15,000

एमसीए- 14,690 से 50,000

एमए मास कॉम- 5,920 से 30,000

एलएलएम- 14,700 से 25,000

बीई केमिकल- 7,720 से 90,000

बीए/बीकॉम इविनिंग स्टडीज- 2,200 से 10,000

बीएससी- 2,320 से 15,000

एमएससी- 14,570 से 20,000

बीपीएड- 2,440 से 15,000 रुपए

वहीं, छात्रों ने यूनिवर्सिटी के उस प्रावधान पर सवाल उठाया है कि जिसमें सिर्फ उन छात्रों को फीस में छूट दी जाएगी, जो छात्र सरकारी कॉलेजों में पढें होंगे. छात्रों ने साफ कर दिया है कि वो इसका पुर्जोर विरोध करेंगे. वीसी को मांग पत्र दिया जायेगा और उनका विरोध प्रदर्शन भी मांग पूरी होने तक जारी रहेगा.

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