भारतीय गेंदबाजों के आगे बिखरे कंगारू, सीरीज जीत के लिए इंडिया को चाहिए 87 रन

धर्मशाला

हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ (एचपीसीए) स्टेडियम में खेले जा रहे बॉर्डर-गावसकर ट्रॉफी के चौथे और अंतिम टेस्ट में भारत ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. टीम इंडिया को यह मैच और सीरीज अपने नाम करने के लिए सिर्फ 87 रन की और दरकार है.

आज दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने बिना किसी विकेट के 19 रन जोड़ लिए. केएल राहुल (13*) और मुरली विजय (6*) रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं. मेहमान टीम ने भारत को जीत के लिए 106 रन का लक्ष्य दिया है.

ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में भारतीय टीम ने शानदार बोलिंग का प्रदर्शन किया. भारत ने पहली पारी के आधार पर ऑस्ट्रेलिया पर 32 रन की बढ़त हासिल की थी. ऑस्ट्रेलिया ने इस बढ़त को उतारते-उतारते अपने तीन शीर्ष विकेट गंवा दिए. इसके बाद ग्लेन मैक्सवेल ने कंगारू पारी को संभालने की कोशिश की और उन्होंने हैंड्सकॉम्ब के साथ मिलकर 56 रन की साझेदारी की. जब ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 87 था, तो अश्विन ने हैंड्सकॉम्ब को आउट कर भारत को ब्रेक थ्रू दिलाया.

इसके बाद भारतीय बोलर्स ने ऑस्ट्रेलिया के किसी भी बल्लेबाज को क्रीज पर पांव जमाने का मौका नहीं दिया. दूसरी पारी में मैक्सवेल ने सबसे ज्यादा 45 रन बनाए. इस पारी में उमेश यादव, रविचंद्रन अश्विन और रविद्र जाडेजा ने 3-3 विकेट अपने नाम किए, जबकि एक विकेट भुवनेश्वर कुमार को मिला.

इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भोजनकाल तक भारत की पहली पारी 332 रनों पर समाप्त कर दी थी. इसके बाद अपनी दूसरी पारी खेलने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को दिन का पहला झटका डेविड वॉर्नर (6) के रूप में लगा. डेविड ने मैट रेनशॉ (8) के साथ मिलकर टीम के खाते में 10 ही रन जोड़े थे कि उन्हें उमेश यादव ने विकेट के पीछे खड़े रिद्धिमान साहा के हाथों कैच आउट कर पविलियन भेजा.

इसके बाद भुवनेश्वर कुमार ने रेनशॉ का साथ देने आए कप्तान स्टीव स्मिथ (17) को 31 के योग पर बोल्ड कर ऑस्ट्रेलिया को दूसरा बड़ा झटका दिया. इसी स्कोर पर यादव ने एक बार फिर साहा के साथ अपनी अच्छी जुगलबंदी से रेनशॉ को भी आउट कर तीसरा विकेट गिराया. पीटर हैंड्सकॉम्ब (18) और मैक्सवेल ने चौथे विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी कर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन रविचंद्रन अश्विन ने हैंड्सकॉम्ब को अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच आउट कर इस साझेदारी को तोड़ दिया.

इसके बाद मैक्सवेल का साथ देने आए शॉन मार्श (1) को रविंद्र जाडेजा ने आउट किया. शॉन 92 के कुलयोग पर चेतेश्वर पुजारा के हाथों लपके गए. इसके साथ ही चायकाल की घोषणा कर दी गई.

चायकाल के बाद रविचंद्रन अश्विन ने मैक्सवेल को LBW कर भारत को छठी कामयाबी दिलाई. मैक्सवेल ने 45 रन बनाए. मैक्सवेल ने अंपायर के फैसले के खिलाफ DRS लिया लेकिन इसका उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ. इस पारी में भारत के लिए उमेश और अश्विन ने दो-दो विकेट लिए हैं, वहीं भुवनेश्वर और जाडेजाको एक-एक सफलता हासिल हुई.

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