जेल से छह साल बाद रिहा हुए होस्नी मुबारक

काहिरा

मिस्र के पूर्व प्रेसिडेंट होस्नी मुबारक को छह साल बाद जेल से रिहा कर दिया गया है। वे शुक्रवार को मिलिट्री हॉस्पिटल से अपने घर पहुंचे। 30 साल से सत्ता में काबिज मुबारक को 2011 में लंबे समय तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद पद से हटा दिया गया था। मिस्र के उस विरोध प्रदर्शन को दुनिया ने “अरब क्रांति’ का नाम दिया था।

88 साल के मुबारक के वकीलों ने बताया कि पूर्व प्रेसिडेंट को सत्ता से हटाए जाने के छह साल बाद आजाद कर दिया गया है। वकीलों के मुताबिक अपील कोर्ट के एक जज ने 2015 में ही कहा था कि मुबारक को रिहा किया जा सकता है।
कोर्ट ने इसी महीने उनकी रिहाई के फैसले पर मुहर भी लगा दी। पर संभावित जनाक्रोश के डर से राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल सीसी की सरकार उन्हें रिहा नहीं कर रही थी। सीसी, मुबारक के प्रशासन में उनके मिलिट्री इंटेलिजेंस चीफ थे। उन्होंने ही सैन्य तख्तापलट करके 2013 में प्रेसिडेंट बने मोहम्मद मोर्सी को अपदस्थ कर दिया था।

गबन का आरोप साबित, हत्या के आरोपों से बरी किए गए
मुबारक पर दो अहम आरोप थे। पहला- अरब क्रांति के दौरान प्रदर्शन करने वालों पर गोली चलाने का आदेश देना। इस गोलीबारी में 800 से ज्यादा लोग मारे गए थे। निचली अदालत ने आरोप सही मानते हुए 2012 में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पर अपीलीय अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया। दूसरा आरोप सरकारी पैसों के गबन का था। निचली अदालत ने मुबारक और उनके दो बेटों को इस मामले में तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। उनकी यह सजा पहले ही पूरी हो चुकी थी।

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