गर्मी आते ही बिहार के लोगों को तगड़ा झटका, बिजली 55% महंगी

पटना

बिहार के लोगों को बिजली का बड़ा झटका लगा है. बिजली नियामक आयोग ने बिजली की दरों में बढ़ोत्‍तरी की मंजूरी दे दी है. जानकारी के मुताबिक मंजूरी मिलने के बाद बिजली दर में 55 फीसदी का इजाफा किया गया है. बता दें कि पिछले कुछ समय से बिजली की दर बढ़ाने की बात हो रही थी. इसी कड़ी में आज बिजली नियामक अायोग की बैठक में बिजली दर बढ़ाने के फैसले को पारित कर दिया गया. राज्य में पहली बार बिजली की दरों में इतनी अधिक वृद्धि हुई है. बिजली दर में बेतहाशा वृद्धि पर जदयू के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा, देश के कई राज्यों की तुलना में बिहार में बिजली की दर कम है.

ग्रामीण क्षेत्र में एक से सौ यूनिट के लिए 5.75 रुपया प्रति यूनिट, जबकि शहरी क्षेत्र में एक से सौ यूनिट तक 5.75 रुपया प्रति यूनिट का इजाफा किया गया है. शहरी क्षेत्रों में पहले इसके लिए तीन रुपया प्रति यूनिट देना होता था. इससे पहले कभी भी एक बार में इतनी वृद्धि नहीं की गयी थी. बोर्ड ने यह फैसला 2016-17 में हुए राजस्व घाटे को देखते हुए लिया है. बढ़ी हुई नयी बिजली की दर पहली अप्रैल से लागू होगी.

इससे पहले गुरुवार को विधानपरिषद में ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बजट पर चर्चा के बाद जवाब में बिजली दर में बढ़ोतरी के संकेत दिये थे. उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल से बिजली दर में बढ़ोतरी नहीं हुई. बिहार से सटे यूपी, झारखंड, पश्चिम बंगाल से कम बिजली दर यहां है. उन्होंने कहा कि बिजली दर में बढ़ोतरी के लिए सरकार अधिकृत नहीं है. बिजली दर में बढ़ोतरी का काम विद्युत विनियामक आयोग करती है. मंत्री ने कहा था कि इस साल तक हर गांव में बिजली मिलेगी.

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