ब्रिटिश एयरवेज ने हीथ्रो एयरपोर्ट पर शुरू की फेस स्कैनिंग, पढ़ें क्यों लिया ये फैसला

ब्रिटिश एयरवेज सेल्फ बोर्डिंग गेट और लगेज चेक करने की सेल्फ सर्विस का पहले से ही इस्तेमाल कर रही है। (फाइल)
लंदन. ब्रिटिश एयरवेज ने देश के सबसे बिजी हीथ्रो एयरपोर्ट पर एक नई तरह की बायोमीट्रिक डिवाइस का इस्तेमाल शुरू किया है। इसकी मदद से बोर्डिंग में तेजी लाई जा सकेगी। ये मशीन बोर्डिंग पास के साथ ही पैसेंजर्स के चेहरे को स्कैन कर उनकी पहचान कर लेगी। इसके बाद पैसेंजर बगैर किसी डॉक्युमेंट की जांच के सीधे फ्लाइट में जा सकता है।

क्या है फैसिलिटी, क्या है मकसद
Q. क्या बदलाव किया गया?
– ब्रिटिश एयरवेज ने लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट के टर्मिनल 5 पर फेस स्कैनिंग मशीनें लगाई हैं। ये बोर्डिंग पास के साथ ही पैसेंजर के चेहरे को स्कैन करेगी। ब्रिटिश एयरवेज की ओर से उसके स्टाफ को लिखे लेटर में यह जानकारी दी गई है।
Q. इससे क्या होगा?
– बोर्डिंग और पैसेंजर्स की जांच में तेजी आएगी। बोर्डिंग स्टाफ की जरूरत नहीं होगी। पैसेंजर्स का वक्त बचेगा। गलतियों की गुंजाइश कम होगी।
– ब्रिटिश एयरवेज में कस्टमर एक्सपीरियंस के डायरेक्टर ट्रॉय वारफील्ड ने कहा कि इन फैसिलिटीज में इन्वेस्टमेंट का मकसद यह है कि फ्लाइट में चढ़ने के दौरान पैसेंजर्स का वक्त बचाया जा सके। एयरलाइन्स के लिए पैसेंजर की अहमियत बहुत ज्यादा है।
Q. क्या इसके पीछे और भी कोई मकसद है?
– हीथ्रो एयरपोर्ट पर फेशियल स्कैनिंग सेटअप ब्रिटेन और अमेरिका में लागू किए गए सिक्युरिटी मेजर्स को देखते हुए भी शुरू की जा रहा है। इसके अलावा मिडल-ईस्ट की कुछ जगहों से आने वाले पैसेंजर्स को लैपटॉप और दूसरी बड़ी कंज्यूमर डिवाइसेस के साथ फ्लाइट में सफर करने से रोका गया है।
Q. कहां-कहां इस्तेमाल हो रही यह टेक्नाेलॉजी?
– ब्रिटिश एयरवेज ने अभी सिर्फ लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट के टर्मिनल 5 के तीन गेट पर यह डिवाइस लगाई है। बाद में इसे बढ़ाकर 33 किया जाएगा।
– अभी यह सिर्फ डोमेस्टिक फ्लाइट के लिए है। बाद में इसे इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा।
Q. ब्रिटिश एयरवेज क्या और भी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है?
– लंदन स्थित इंटरनेशनल एयरलाइन्स ब्रिटिश एयरवेज सेल्फ बोर्डिंग गेट और लगेज चेक करने की सेल्फ सर्विस का पहले से ही इस्तेमाल कर रही है। इसे हीथ्रो और लंदन गैटविक एयरपोर्ट पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
Q. ब्रिटिश एयरवेज की कुल कितनी फ्लाइट्स हैं?
– ब्रिटिश एयरवेज की डोमेस्टिक और इंटरनेशनल मिलाकर कुल 290 फ्लाइट्स हैं। इनमें एयरबस, बोइंग और एम्ब्रेरर शामिल हैं।
Q. क्या दूसरी एयरलाइन्स भी किसी नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही हैं?
– एविएशन इंडस्ट्री की दुनियाभर में फेशियल स्कैनिंग टेक्नोलॉजी पर नजर है। नीदरलैंड्स का एयरफ्रांस-केएलएम ग्रुप पेरिस के चार्ल्स डी गाउले एयरपोर्ट पर पासपोर्ट कंट्रोल सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग कर रहा है। यह सिस्टम अमेरिका और जापान में भी इंस्टॉल किया जा रहा है।
– यूरोपियन एयरपोर्ट्स लिक्विड एक्सप्लोसिव का पता लगाने के लिए एक अलग मेथड का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें बैग से बॉटल्स निकाले बगैर चेकिंग हो जाती है।

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