प्राइमरी असिस्टेंट टीचर्स को बड़ी राहत, पढ़ें पूरी खबर

प्रदेश के 1239 पैट के नियमितीकरण की राह आसान हो गई है। केंद्र सरकार ने आरटीई एक्ट में अनिवार्य किए बीएड प्रशिक्षित पैट अस्थाई अध्यापकों के लंबिंत 6 महीने के प्रशिक्षण को दोबारा शुरू करने को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एक्ट में संशोधन कर प्रशिक्षण करने की अवधि 31 मार्च, 2019 तक बढ़ा दी है।

बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लेते हुए सरकार ने देश के लाखों अस्थाई शिक्षकों को राहत दी है। हिमाचल के पैट के भविष्य के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मामले को केंद्रीय मंत्रालय के समक्ष भी उठाया था। शिक्षा का अधिकार अधिनियम में 23 अगस्त, 2010 को संशोधन करते हुए अप्रशिक्षित शिक्षकों को 31 मार्च 2015 तक प्रशिक्षण देना अनिवार्य किया था। एनसीटी के नियमों में पर्सनल डेवलपमेंट प्रोग्राम करने वाले शिक्षकों को ही नियमितीकरण के लिए पात्र माना जाता है।

संशोधन के बाद जिन शिक्षकों ने बीएड की थी, उन्हें भी प्रशिक्षण लेना अनिवार्य किया गया। नए नियमों के तहत हिमाचल में 2014 में प्रशिक्षण शुरू हुआ। अगस्त 2016 में प्रशिक्षण अवधि को केंद्र सरकार ने समाप्त कर दिया। हिमाचल के 1239 पैट ने 2012 से पहले बीएड की हुई थी। किन्हीं कारणों से प्रशिक्षण नहीं ले सके, उनके सामने नियमितीकरण ना होने की समस्या खड़ी हो गई।

अखिल भारतीय अस्थाई अध्यापक महासंघ के बैनर तले इन शिक्षकों ने साल 2015 में दिल्ली के जंतर मंतर में धरना दिया। बीते 23 फरवरी को कुरुक्षेत्र में महासंघ का एक राष्ट्रीय अधिवेशन भी हुआ। इस दौरान भी यह मांग जोरदार तरीके से उठाई गई। महासंघ के अध्यक्ष सुनील चौहान, मीडिया प्रभारी चंदन नेगी और पैट शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव आत्मा राम ने प्रशिक्षण अवधि 31 मार्च 2019 तक बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया है।

कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विशेष तौर पर इस मांग को प्रमुखता से उठाया। मुख्यमंत्री का भी संघ ने आभार जताया है। महासंघ के सदस्य कुलदीप ठाकुर, जगजीत ठाकुर, जगमोहन राणा, दीपक गुप्ता, जोगिंद्र ठाकुर, अवतार राणा, मदन ठाकुर ने हिमाचल सरकार से पैट को जल्द नियमित करने की मांग की है।

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