अवैध भवनों को रेगुलर करने का मामला: महज चार हजार लोगों ने किया आवेदन

अवैध भवनों को रेगुलर कराने के लिए टीसीपी जिला कार्यालयों में नाममात्र आवेदन आ रहे हैं। 30 मार्च आवेदन की अंतिम तिथि है बावजूद इसके 30 हजार में से महज चार हजार लोगों ने ही अब तक आवेदन किए हैं।
आवेदन न मिलने की एक वजह स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट को भी माना जा रहा है। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा का मानना है कि आवेदन के लिए अभी समय बचा है।

अभी और आवेदन आएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भवनों को रेगुलर कराने के लिए सरकार की ओर से यह अंतिम पॉलिसी होगी। उल्लेखनीय है कि सरकार ने लोगों को आवेदन करने के लिए 60 दिन का समय दिया था।

अब आवेदन करने में महज 7 दिन बचे हैं। प्रदेश कांग्रेस ने भी पार्टी कार्यालय राजीव भवन की दो मंजिलों को नियमित कराने के लिए टीसीपी कार्यालय में आवेदन किया है।

उधर, टीसीपी की मानें तो हिमाचल में अवैध भवनों को नियमित करने के लिए 8 पॉलिसी लाई गई हैं। इसमें यह पॉलिसी सबसे सस्ती है। प्रदेश सरकार ने भवन नियमित कराने के लिए टीसीपी और शहरी निकायों के लिए अलग-अलग फीस निर्धारित की है। शहरी

क्षेत्रों में जिन भवन मालिकों का नक्शा पास है और उसके बाद अतिक्रमण किया है, उन्हें 800 रुपये जबकि टीसीपी एरिया में यह फीस 400 रुपये प्रति वर्ग मीटर होगी। शहरी क्षेत्रों में जिन लोगों ने बिना नक्शा भवन बनाया है, उन्हें 1000 रुपये और टीसीपी एरिया में यह फीस 500 रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से वसूली जानी है।

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