पढें, क्यों हिमाचल के किसानों को भेजा गया नोटिस

हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक ने करीब चार हजार किसानों को कर्ज न चुकाने पर नोटिस जारी किए हैं। किसानों को 31 मार्च तक लोन चुकाने का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके बाद उनकी जमीन नीलाम कर दी जाएगी। लोन को वन टाइम सेटलमेंट योजना के तहत भी चुकाया जा सकता है।

किसानों पर बैंक की लगभग 75 करोड़ रुपये की देनदारियां हैं। यह बैंक साधारण ब्याज पर छोटे, सीमांत और अन्य श्रेणियों के किसानों की भूमि को गिरवी रखकर 10, 11.5 और 12.5 प्रतिशत ब्याज दर से 50 लाख तक ऋण देता है। बताया जा रहा है कि तीन हजार डिफाल्टर किसानों को बैंक बार-बार चेतावनी दे चुका है, मगर उन्होंने कर्ज नहीं चुकाया है।

अब गिरवी संपत्ति बेचने की प्रक्रिया शुरू करने के नोटिस दिए गए हैं। बैंक के महाप्रबंधक निर्मल प्रकाश बौद्ध ने नोटिस भेजने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ऐसे किसानों को 31 मार्च से पहले ऋण जमा करने को कहा गया है वरना कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इन कामों के लिए मिलता है कर्ज
बाड़ लगाने, गोदाम बनाने, पानी लिफ्ट करने से लेकर कई अन्य गतिविधियों के लिए बैंक किसानों को कर्ज देता है। किसानों को गैर कृषि कार्यों होटल बनाने, ढाबा चलाने के अलावा कई अन्य गतिविधियों के लिए भी कर्ज दिया जाता है।

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