अजमेर बम विस्फोट मामला: स्पेशल कोर्ट ने 2 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई

जयपुर

जयपुर की विशेष अदालत ने अजमेर बम धमाका मामले में दो दोषियों के सजा का एलान कर दिया है. कोर्ट ने देवेंद्र गुप्ता और भावेश पटेल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि तीसरे दोषी सुनील जोशी की मौत हो चुकी है.

गौरतलब है कि 11 अक्टूबर 2007 को अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह परिसर में हुए विस्फोट में 3 जायरीन मारे गए थे और 15 जायरीन घायल हो गए थे.

विस्फोट के बाद पुलिस को तलाशी के दौरान एक और लावारिस बैग मिला था, जिसमें बम के साथ टाइमर लगा था. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओेर से 149 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए, लेकिन अदालत में गवाही के दौरान 24 से अधिक गवाह अपने बयानों से मुकर गए थे. बचाव पक्ष की ओर से दो गवाह पेश किए गए.

इस मामले में 8 आरोपी 2010 से न्यायिक हिरासत में है. एक आरोपी रमेश गोविल को जमानत मिलने के बाद मौत हो गई थी, जबकि एक और आरोपी सुनील जोशी की दिसंबर 2007 में मध्य प्रदेश में हत्या कर दी गई थी.

इस मामले में चार आरोपी रमेश वेंकटराव, संदीप डांगे, रामजी कलसांगरा और सुरेश नायर अभी भी फरार हैं. राज्य सरकार ने मई 2010 में इस मामले की जांच राजस्थान पुलिस की एटीएस शाखा को सौंपी थी. बाद में केंद्र ने इस मामले को एक अप्रैल 2011 को एनआईए को सौंप दिया था.

इस मामले में स्पेशल कोर्ट ने स्वामी असीमानंद समेत 7 आरोपियों को बरी कर दिया था. एनआईए की स्पेशल कोर्ट के जज दिनेश गुप्ता ने अजमेर दरगाह परिसर में हुए बम विस्फोट मामले में देवेंद्र गुप्ता, भावेश पटेल और सुनील जोशी को दोषी करार दिया था.

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