राधाकिशन दमानी बने देश के 17वें सबसे अमीर बिजनसमैन

रीटेल कंपनी के मालिक राधाकिशन दमानी देश के टॉप 20 अरबपतियों में शामिल हो गए। रीटेल चेन ऑपरेट करने वाली उनकी कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स शेयर बाजार में लिस्ट हुई। पिछले 13 साल में लिस्टिंग के दिन किसी कंपनी में ऐसी तेजी नहीं आई थी। दमानी की वेल्थ अनिल अग्रवाल, अनिल अंबानी, गोदरेज परिवार और राहुल बजाज से अधिक हो गई है। एवेन्यू के पहले दिन के परफॉर्मेंस को देखें तो वह देश के 17वें सबसे अमीर बिजनसमैन बन गए। देश की सबसे प्रॉफिटेबल रीटेल चेन डीमार्ट पर एवेन्यू का मालिकाना हक है।

डीमार्ट का शेयर 604.40 रुपये पर लिस्ट हुआ, जबकि इश्यू प्राइस 299 रुपये था। यह 102 पर्सेंट का रिटर्न है। पिछले 13 साल में लिस्टिंग के दिन किसी शेयर की कीमत में इतनी बढ़ोतरी नहीं हुई थी। कंपनी का शेयर 117 पर्सेंट चढ़कर इंट्राडे में 650 रुपये तक पहुंच गया था। तब इसका मार्केट कैप 40,000 करोड़ रुपये हो गया था।

कंपनी का शेयर मंगलवार को 640.75 रुपये पर बंद हुआ। इस हिसाब से कंपनी में उनकी हिस्सेदारी के आधार पर दमानी की संपत्ति 5.2 अरब डॉलर होती है। इस लिहाज से वह देश के 17वें सबसे अमीर इंसान बन गए हैं। इस मामले में वह बजाज ऑटो के राहुल बजाज, अनिल अंबानी और वेदांता रीसॉर्सेज के अनिल अग्रवाल से आगे निकल गए हैं।

डीमार्ट का मार्केट कैप बंद भाव के हिसाब से 39,988 करोड़ रुपये रहा, जो इसे देश में मार्केट कैप के लिहाज से 65वीं बड़ी कंपनी बनाता है। इसका मार्केट कैप ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, मैरिको और बैंक ऑफ बड़ौदा से अधिक है।

दमानी हमेशा सुर्खियों से दूर रहते हैं और शेयर बाजार के दिग्गज निवेशकों के बीच ‘मिस्टर वाइट एंड वाइट’ के नाम से मशहूर हैं। उसकी वजह यह है कि वे हमेशा सफेद कपड़े पहनते हैं। दमानी ने 1999 में रीटेल बिजनस शुरू किया था। उस वक्त तक अंबानी, कुमार मंगलम बिड़ला और फ्यूचर ग्रुप के किशोर बियानी के कदम इस सेक्टर में नहीं पड़े थे।

जाने-माने इनवेस्टमेंट बैंकर हेमेंद्र कोठारी ने बताया, ‘राधाकिशन दमानी लो प्रोफाइल, स्मार्ट, मौके को पहचानने वाले और शानदार निवेशक हैं, जो किसी कंपनी में निवेश करने से पहले उसके बारे में पूरी पड़ताल करते हैं।’ कोठारी ने बताया, ‘वह खास विजन के साथ स्टॉक की पड़ताल करते हैं।’

बिग बुल के नाम से मशहूर निवेशक राकेश झुनझुनवाला दमानी को अपना गुरु मानते हैं। दमानी पिता के देहांत के बाद भाई के स्टॉक ब्रोकिंग बिजनस से 32 साल की उम्र में जुड़े थे, लेकिन 1980 और 1990 के दशक की शुरुआत में कई मल्टीनैशनल कंपनियों में निवेश करके उन्होंने सफलता की मंजिल तय की।

हर्षद मेहता के स्टॉक्स में शॉर्ट सेलिंग करने और सफल रहने पर दमानी की खास पहचान बनी। उनके एक करीबी दोस्त ने बताया कि दमानी हाई क्वॉलिटी बिजनस को वाजिब कीमत पर खरीदने में यकीन रखते हैं।

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