‘कलानी और पाकल डल प्रोजेक्ट पर फिर विचार किया जाएगा’

पाकिस्तान ने बुधवार को कहा है कि उसके ऑब्जेक्शंस पर भारत ने हिमाचल प्रदेश में मियार हाइड्रो प्रोजेक्ट का डिजाइन वापस ले लिया है। भारत-पाकिस्तान के बीच परमानेंट इंडस वॉटर कमीशन की दूसरे दिन की बातचीत में यह सहमति बनने का दावा किया गया है। यह भी कहा गया है कि भारत कलानी और पाकल डल हाइड्रो प्रोजेक्ट पर भी फिर से विचार करने को तैयार हो गया है।

पाकिस्तान की वाटर एंड पॉवर मिनिस्टरी के बयान में बताया गया
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पाकिस्तान की वाटर एंड पॉवर मिनिस्टरी के बयान में बताया गया है कि मीटिंग में भारत के हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स मियार, लोअर कालनई और पाकल दुल पर चर्चा हुई।
– इसके अलावा डाटा की अदला-बदली, दौरे करने और इंडस वॉटर कमीशन के बीच मीटिंग्स करने पर भी बातचीत हुई।
– बयान के मुताबिक, “भारत पाकिस्तान इंडस वाटर कमीशन के इंस्पेक्शन टूर के लिए भी तैयार हो गया है। इसके अगस्त 2017 से पहले होने की उम्मीद है।”
– हालांकि, मिनिस्ट्री ने इस इंस्पेक्शन के बारे में ज्यादा डिटेल नहीं दी है।
– इस बैठक की अगुवाई पाकिस्तान की ओर से मिर्जा आसिफ सईद बेग और भारत की ओर से इंडस वॉटर कमीशन के कमिश्नर पीके सक्सेना कर रहे थे।

कलानी और पाकल डल प्रोजेक्ट पर फिर विचार करेगा: पाक
– बयान में कहा गया है कि भारत कलानी और पाकल डल हाइड्रो प्रोजेक्ट पर भी फिर से विचार करने को तैयार हो गया है। उसकी तरफ से अगली बैठक में इस पर जवाब दिया जाएगा।
– मिनस्ट्री ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से मांग की गई है कि भारत बाढ़ के दौान चिनाब नदी पर बने बगिलिहार और सालाल डैम से छोड़े जाने वाले पानी के बारे में जानकारी दे, ताकि बाढ़ से पहले वार्निंग जारी की जा सके। भारत इस पर भी राजी हो गया है।

क्या है सिंधु जल समझौता?
– भारत-पाकिस्तान के बीच पानी के बंटवारे के लिए सिंधु जल संधि (इंडस वाटर ट्रीटी) की गई थी।
– इस पर 19 सितंबर, 1960 को उस वक्त के पीएम जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के प्रेसिडेंट रहे अयूब खान ने कराची में दस्तखत किए थे।
– इसमें छह नदियों ब्यास, रावी, सतलुज, सिंधु, चिनाब और झेलम के पानी के बंटवारे और इस्तेमाल करने के हक शामिल हैं। इस समझौते के लिए वर्ल्ड बैंक मीडिएटर था।
– इस समझौते पर इसलिए दस्तखत किए गए, क्योंकि सिंधु बेसिन की सभी नदियों के सोर्स भारत में हैं (सिंधु और सतलुज हालांकि चीन से निकलती हैं)।
– समझौते के तहत भारत को इरिगेशन, ट्रांसपोर्टेशन और पावर प्रोडक्शन के लिए इन नदियों का इस्तेमाल करने की इजाजत है, जबकि भारत के इन नदियों पर प्रोजेक्ट्स के कंस्ट्रक्शन के लिए काफी बारीकी से शर्तें तय की गईं।
– पाकिस्तान को डर था कि भारत के साथ अगर जंग होती है तो वह पाकिस्तान में सूखे का खतरा पैदा कर सकता है।

कमीशन की 113वीं मीटिंग
– इंडस वाटर कमीशन की यह 113वीं मीटिंग थी। पिछली मीटिंग 2015 में हुई थी।
– जनवरी 2016 में पठानकोट आतंकी हमले के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। इससे मीटिंग टल गई थी।
– नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को धमकी दी थी कि पाकिस्तान की तरफ जाने वाले पानी को रोक देंगे।
– वर्ल्ड बैंक ने इस पर कहा था कि दोनों देश अपने बीच टकराव को खुद सुलझाएं।

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