जानिए, ग्रीन फीस नहीं चुकाने पर अब कितनी पेनल्टी लगेगी

ग्रीन फीस चुकाए बिना शहर में एंट्री करने वाले बाहरी नंबर के वाहन मालिकों को अब नगर निगम 5000 की जगह 3000 रुपये पेनल्टी लगाएगा। पर्यटन कारोबारियों के आग्रह पर नगर निगम ने पेनल्टी की दरों में 3000 रुपये की कटौती की है। भारी भरकम पेनल्टी के कारण पर्यटन कारोबारियों ने कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई थी और निगम से पेनल्टी की दरें घटाने का आग्रह किया था।

इतना ही नहीं अब ग्रीन फीस चुकाए बिना शहर में एंट्री करने वाले लोगों के केस निगम कोर्ट में भी लगाए जाएंगे। कोर्ट केस के दौरान फीस न चुकाने के पीछे दलीलें सही पाए जाने पर याचिकाकर्ता को राहत भी मिल सकेगी। निगम हाउस ने पेनल्टी घटाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। नगर निगम इसी माह शहर में ग्रीन फीस वसूली शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

ऑनलाइन ऐप के जरिये अथवा शोघी में स्थापित होने वाले क्योसक में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहन मालिक ग्रीन फीस जमा कर सकेंगे। शुरूआती एक महीने के लिए बिना पेनल्टी ट्रायल के तौर पर ग्रीन फीस लागू की जाएगी। ग्रीन फीस की वैद्यता सात दिन रहेगी।

लोगों की सुविधा के लिए नगर निगम ग्रीन फीस के मासिक, अर्ध वार्षिक और वार्षिक  पास बनाने का भी प्रावधान करने जा रहा है। ग्रीन फीस न चुकाने वालों को पकड़ने के लिए पुलिस महकमा नगर निगम को स्टाफ मुहैया करवाएगा। इसका खर्चा निगम को ही वहन करना होगा।

ग्रीन फीस न देने वालों को 2000 लगेगी पेनल्टी
ग्रीन फीस न चुकाने वालों को अब 5000 की जगह 2000 रुपये पेनल्टी लगेगी। फीस न चुकाने वालों के केस कोर्ट में भी लगेंगे। एमसी हाउस ने इसे लेकर निर्णय ले लिया है। इसी महीने ग्रीन फीस की वसूली कर दी जाएगी।
– पंकज राय, आयुक्त, नगर निगम

ये होंगी ग्रीन फीस की दरें
दो पहिया वाहन       50 रुपये
चौपहिया वाहन    200 रुपये
बड़े वाहन       300 रुपये

मोबाइल वॉलेट से भी चुका सकेंगे ग्रीन फीस
ग्रीन फीस वसूली को कैश लेस बनाने के लिए नगर निगम मोबाइल वॉलेट कंपनी से भी करार करने जा रहा है। हालांकि इसके लिए लोगों को कुछ अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा। मोबाइल वॉलेट से पेमेंट के लिए परवाणू से शिमला शहर तक कई जगहों पर क्यूआर कोड उपलब्ध करवाए जाएंगे। क्यूआर कोड स्कैन कर आसानी से ग्रीन फीस चुकाई जा सकेगी।

लोकल लोगों को आवासीय प्रमाण पत्र से मिलेगी छूट
शिमला में रहने वाले ऐसे लोग जिनके पास बाहरी नंबरों की गाड़ियां हैं आवासीय प्रमाण पत्र दिखा कर छूट की लिस्ट में अपनी गाड़ी का नंबर दर्ज करवा सकते हैं। पार्षदों की ओर से भी ऐसे लोगों को प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। नगर निगम छूट की लिस्ट में दर्ज गाड़ियों के लिए पास भी जारी करेगा।

स्वच्छता, सुंदरीकरण और पार्किंग पर खर्च होगा पैसा
ग्रीन फीस से इक्ट्ठा होने वाले पैसे को शहर की स्वच्छता व्यवस्था चाक चौबंद रखने पर खर्च किया जाएगा। इसके अतिरिक्त शहर के सुंदरीकरण और पार्किंग सुविधा विकसित करने पर भी ग्रीन फीस का पैसा खर्च होगा।

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