हरियाणा दुग्ध उत्पादन को नंबर वन बनाएंगे: ओपी धनखड़

हरियाणा को दुग्ध उत्पादन में नम्बर वन बनाने के लिए कृषि विभाग काम करेगा। विभाग 50 पशुओं की डेयरी बनाने की योजना को प्रमोट करेगा। राज्य के कृषि एवं पशुपालन मंत्री ओपी धनखड़ ने दी। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आज हरियाणा से पंजाब और गुजरात दुग्ध उत्पादन में आगे हैं। उन्होंने कहा कि इस काम के लिए हमने पूरी योजना बना ली है और उस पर जल्दी ही काम आरम्भ हो जाएगा।

धनखड़ ने बताया कि हरियाणा के 6700 गांवों में से 2000 में वीएलडीए और वीएस कार्यरत हैं। उनके माध्यम से एक एक डेयरी भी एक साल में खुलेगी तो एक साथ 2 हज़ार डेयरियां खुल सकेगी। उन्होंने कहा कि जो किसान समय पर ऋण चुकाएगा उस किसान के ऋण  का सारा ब्याज विभाग देगा। किसान को केवल मूल ही लौटाना होगा। जबकि वीएलडीए व वीएस को डेयरी खुलवाने पर इंसेटिव दिया जाएगा। धनखड़ ने ये भी बताया कि इससे से प्रति दिन  10 लाख लीटर अतिरिक्त दूध मिल सकेगा। आज हरियाणा 2,27 लाख लीटर रोजाना दूध उत्पादित करता है। इसे 3 लाख लीटर तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी बताया कि गाय और भैंस के अधिक दूध देने पर पुरस्कार देकर किसानों को प्रोत्साहित किया जाता है।

इससे पूर्व छतीसगढ़ के कृषि मंत्री बृज मोहन ने कहा कि हरियाणा का एग्री लीडरशिप मेला प्रेणादाई है। उन्होंने कहा कि आज कृषि में सबसे ज्यादा रोजगार की संभावनाएं है।  प्रधानमंत्री इसीलिये कृषि को बढ़ावा देने के काम कर रहे हैं। दूसरी तरफ भारत सरकार के सचिव देवेंद्र चौधरी ने बताया कि भारत सरकार ने 1200 करोड़ रुपए का प्रावधान पशुधन को बढ़ावा देने के लिए किया है। गाय की नस्ल सुधार के अलावा कई योजनाओं पर काम हो रहा है।

देवेंद्र चौधरी ने बताया कि देश के एक लाख 80हज़ार गांवों में दूध के लिए संग्रहण और चिलिंग केंद्र की व्यवस्था की योजना पर काम जारी है। इसके अलावा सहकारिता के क्षेत्र में सभी मशीनों का आधुनिकीकरण किया जाएगा।

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