हिमाचल सरकार भूमिहीन लोगों को देगी जमीन

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में भूमिहीन लोगों को तीन महीने के भीतर घर बनाने को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। भाजपा विधायक महेश्वर सिंह की अनुपस्थिति में रविंद्र रवि ने सवाल किया। राजस्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने जवाब में कहा कि राजस्व विभाग के पास 4000 आवेदन लंबित हैं। छह महीने में इन्हें निपटाकर भूमिहीनों को घर बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।

मामले में हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने तीन महीने में सभी मामले निपटाने और लोगों को जमीन उपलब्ध कराने की बात कही। कौल सिंह ने कहा कि यह योजना कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई है। इसमें गांव में भूमिहीनों को 3, जबकि शहरों में दो बिस्वा जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। चार साल में सरकार ने 191 भूमिहीनों को घर बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराई है।

जो मामले लंबित हैं, उन्हें निपटाने के संबंधित जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं। विधायक किशोरी लाल ने पूछा कि चार साल में कितने भूमिहीनों को भवन निर्माण के लिए भूमि दी गई? इसके उत्तर में राजस्व मंत्री बोले – चार साल में सरकार ने प्रदेश के 191 भूमिहीन लोगों को भूमि का आवंटन किया है। इनमें 95 व्यक्ति अनुसूचित जाति, 33 व्यक्ति अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 5 व्यक्ति अनुसूचित जनजाति तथा 58 सामान्य वर्ग से संबंधित हैं।

विधायक कुलदीप कुमार ने अनुपूरक सवाल पर कौल सिंह बोले – भूमिहीनों का सर्वे नहीं किया है। इसके लिए प्रचार-प्रसार किया गया है। कहा कि सिरमौर, कुल्लू, कांगड़ा और सोलन के उपायुक्तों ने इसके लिए बेहतर कार्य किया है। अन्य जिलों के उपायुक्तों ने इसमें अधिक रुचि नहीं दिखाई है।

संबंधित उपायुक्तों को लंबित मामलों को जल्द निपटाने की हिदायत दी जाएगी। भूमिहीनों को संबंधित उपायुक्त के पास आवेदन करना होता है। रविंद्र रवि के एक और अनुपूरक प्रश्न पर कौल सिंह ने कहा कि विधवा और अकल नारी भूमिहीन नारी को जमीन आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी।

जरूरत पड़ने पर शहरों में दी जा सकती है 3 बिस्वा जमीन
राजस्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि शहरों में अभी भूमिहीनों को 2 बिस्वा जमीन दी जा रही है। दो बिस्वा जमीन के नक्शे को लेकर स्थिति क्लीयर नहीं है। टीसीपी से बात की जाएगी। अगर नक्शे के लिए दो बिस्वा कम जमीन पड़ती है तो इसे तीन बिस्वा किया जा सकता है।

हिमाचल की जमीन पर दूसरे राज्य को नहीं करने देंगे कब्जा
राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल की जमीन पर किसी दूसरे राज्य को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। अगर ऐसा होता है तो सरकार इसके लिए उचित कदम उठाएगी। लाहौल में हिमाचल और जम्मू-कश्मीर बॉर्डर एरिया सीमा विवाद पर सरकार गंभीर है। सरकार जल्द आयोग में पैसा जमा कराकर नए सिरे से बॉर्डर एरिया पर निशानदेही कराएगा।

राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर कांग्रेस विधायक रवि ठाकुर के प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि जब वे एससी एसटी कमीशन के चेयरमैन थे, उस समय इस मामले को उठाया गया था। हिमाचल का बॉर्डर होने के नाते दिल्ली में सेक्रेटरी होम कारगिल ऑफ इंडिया, सर्वेयर जनरल ऑफ इंडिया, सचिव, होम, हिमाचल सरकार, आईजी रेज मंडी, लाहौल, कारगिल के डीसी को कमीशन बुलाया गया था। उस समय तय हुआ था कि मौके पर निशानदेही की जाए।

इसके लिए मेजर जनरल सर्वेयर ऑफ इंडिया और देहरादून जोन के मेजर मौके पर आए। डीसी लेह और लाहौल-स्पीति को बुलाया गया। मौके पर पाया गया कि जेएंडके 14 किलोमीटर हिमाचल की ओर बढ़ा है। इसके बाद यह मामला फिर से आयोग में लगा है। आयोग ने हिमाचल को पैसा जमा कराने की बात कही है, लेकिन सरकार से पैसा जमा न होने से यह मामला लंबित पड़ा है।

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