जाट आंदोलन: हरियाणा में हाई अलर्ट, हाइवे सील और इंटरनेट सेवा बाधित

रोहतक/झज्जर/करनाल

जाटों के दिल्ली कूच के एलान को लेकर हरियाणा पुलिस अलर्ट है. कई जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है. वहीं, रोहतक और झज्जर में भी प्रशासन अलर्ट पर है.  साथ ही प्रशासन ने ट्रैक्टर भी जब्त करने के आदेश दिये हैं. इतना ही नहीं उन्होंने शराब के ठेकों को भी बंद करने का फैसला लिया है.

वहीं, हांसी में सुरक्षा के चलते अर्धसैनिक बलों की दो और कंपनियां बुला ली गई हैं. कंपनियां सशस्त्र सीमा बल की हैं. दूसरी तरफ पानीपत में प्रशासन ने अफसरों और कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी है.

वहीं पैट्रोल पंप से खुले तेल की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है. डीसी ने कहा कि ट्रैक्टर-ट्राली का व्यावसायिक प्रयोग हुआ तो उसे जब्त कर लिया जाएगा. वहीं पांच से ज्यादा लोगों के एक साथ, कोई हथियार, डंडे इत्यादि सामान लेकर साथ चलने पर पूर्ण रूप से पांबदी रहेगी. करनाल की मुनक नहर की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

उधर, हिसार, इंद्री, भिवानी और जींद में भी सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है. पुलिस के साथ कई इलाकों में पैरामिल्ट्री फोर्स को भी तैनात किया गया है. साथ ही सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है. ट्रैक्टर और ट्रॉलियों को ना चलाने देने के आदेश दिए गए हैं. साथ ही पैट्रोल पंपों को भी सख्त आदेश दिए गए हैं और उन्हें कहा गया है कि एक टैक्ट्रर को दस लीटर से ज्यादा तेल ना दिया जाए.

जाट आंदोलन को लेकर भिवानी के व्यापारियों में भी खौफ का माहौल है और वो सरकार से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं. व्यापारियों ने कहा है कि अगर उनका कोई नुकसान होता है तो इसके लिए प्रदेश की सरकार जिम्मेदार होगी.

वहीं, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक अब खेमों में बटे जाट नेताओं के निशाने पर आ गए हैं. आरक्षण के मुद्दे पर सीएम से मुलाकात से इंकार किए जाने के बयान को लेकर टोहाना में जाट नेता सूबे सिंह समैण ने यशपाल मलिक पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि यशपाल मलिक केंद्रीय मंत्रियों से अपनी सांठ-गांठ करना चाहते हैं. उनका हरियाणा के हितों से कोई लेना-देना नहीं है.

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