धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाए जाने पर वीरभद्र और धूमल में जुबानी जंग जारी

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि धर्मशाला दूसरी राजधानी ही रहेगी, लेकिन शिमला से न तो कोई ऑफिस शिफ्ट होगा और न ही यहां से कर्मचारी-अधिकारी भेजे जाएंगे। अगर जरूरत पड़ी तो दूसरी राजधानी में नई भर्तियां की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने करीब डेढ़ लाख युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान किया है। साथ ही युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए कौशल विकास भत्ता भी दिया जाएगा। युवाओं को भत्ता उनकी जरूरतों को देखते हुए ही दिया जाएगा, सरकार कौशल बढ़ाने पर भी जोर देगी।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को विधानसभा में बजट पर चर्चा का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बजट चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल और अन्य विधायकों की ओर से उठाए मसलों का एक-एक करके जवाब दिया।

सीएम ने कहा कि प्रदेश के लोगों और वित्त विशेषज्ञों ने सरकार के बजट को सराहा है। मुख्यमंत्री का जवाब पूरा होने से पहले ही नेता प्रतिपक्ष धूमल और पूरा विपक्ष सदन से बाहर चला गया। इस पर स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने विधानसभा अध्यक्ष से इसे वाकआउट न मानने की गुजारिश की।

उन्होंने दलील दी कि नेता प्रतिपक्ष ने अपने वक्तव्य के दौरान कहा कि उन्हें जरूरी काम है, इसलिए वह जा रहे हैं। विपक्ष के विधायक उनके पीछे चले गए न कि वाकआउट किया। हालांकि स्पीकर ने उनकी इस मांग पर कोई फैसला नहीं दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि ऐसी राजधानी का क्या फायदा, जहां विभागों को शिफ्ट नहीं किया जा सके। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने की घोषणा की है, अब वीरभद्र सिंह विभागों को धर्मशाला के लिए शिफ्ट न करने की बात कह रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए वीरभद्र सिंह घोषणाओं पर घोषणाएं कर रहे हैं। स्थिति यह है कि जमीनी स्तर पर विकास कार्य कुछ नहीं हो रहा है। धूमल ने कहा कि जहां तक धर्मशाला राजधानी की बात है तो वह आई वॉश है। घोषणाएं लोगों को लोगों को गुमराह करने के लिए की जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार हिमाचल सरकार को धन दे रही है, लेकिन प्रदेश सरकार इस पैसे को विकास कार्यों में खर्चने में नाकाम साबित हो रही  है। कांग्रेस सरकार ने चार साल के कार्यकाल में कुछ नहीं किया। अब विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं तो घोषणाएं कर लोगों का ध्यान बांटने की कोशिश की जा रही है। विधानसभा सदन से भाजपा विधायकों के बाहर आने पर नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने मीडिया को यह जानकारी दी।

Share With:
Rate This Article