10 लाख मुस्लिमों ने ‘तीन तलाक’ के खिलाफ अभियान में दिया RSS का साथ

दिल्‍ली

उत्तर प्रदेश में बीजेपी की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले मुस्लिम समुदाय ने तीन तलाक के खिलाफ चलाए जा रहे सिग्‍नेचर कैंपेन का जबरदस्‍त समर्थन किया है.

दरअसल, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (आरआरएम) द्वारा तीन तलाक के विरोध में शुरू किए गए एक सिग्नेचर कैंपेन चलाया है, जिसे देशभर से दस लाख से ज्यादा लोगों का समर्थन मिला.

इस मुद्दे पर समर्थन देने वालों मे ज्यादातर महिलाएं हैं. इस मुद्दे पर मुस्लिम महिलाओं का बीजेपी को लगातार समर्थन मिल रहा है.

हालांकि, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस मुद्दे का विरोध करता रहा है. आरएसएस के प्रमुख नेता और प्रचारक इंद्रेश कुमार ने इस मुद्दे पर राष्ट्रीयव्यापी चर्चा किए जाने और इसको खत्‍म करने की मांग की है. उनका कहना है कि तीन तलाक को खत्म करके मुस्लिम समाज में सुधार किया जाना चाहिए.

वहीं, मुस्लिम राष्‍ट्रीय मंच (एमआरएम) के राष्ट्रीय समन्वयक मोहम्मद अफजल ने सिग्नेचर कैंपेन का समर्थन करते हुए कहा कि देश में बदलाव आ रहा है. उनका कहना है कि अब महिलाएं अपनी आजादी के प्रति जागरुक हो रही हैं. सरकार उनकी दबी हुई आवाज को उठाए इसलिए समर्थन मिल रहा है. उन्‍होंने कहा कि ट्रिपल तलाक जैसी सामाजिक बुराईयों को दूर करने की कोशिश की जा रही है.

उत्तर प्रदेश में जहां मुस्लिम आबादी 19.5 फीसद से अधिक है, वहां पर इसका झुकाव भाजपा की ओर होना काफी कुछ कहता है. यूं तो 120 विधानसभा क्षेत्रों में इस वर्ग के लोग हार-जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, मगर 72 विधानसभा क्षेत्रों में इनकी आबादी 30 फीसद से अधिक है.

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव परिणाम के आंकड़ों से साफ है कि मुसलमानों के वोटों में जमकर बंटवारा हुआ. जिन 28 क्षेत्रों में उनकी आबादी 30 फीसद से भी ऊपर है, वहां भी भाजपा ने ‘कमल’ खिला दिया.

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