संशय बरकरार, कौन होगा उत्तर प्रदेश का सीएम?

कौन होगा यूपी का मुख्यमंत्री? यूपी में बीजेपी की जीत के बाद से यह सवाल राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले हर शख्स की जुबान पर है। अटकलों का बाजार खासा गर्म है। ऐसे में बीजेपी नेताओं के हर बयान के अलग मायने निकाले जा रहे हैं। गुरुवार को जब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि सीएम चुनने की जिम्मेदारी यूपी बीजेपी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को दी गई है, तो यह समझा गया कि अब वह इस रेस से बाहर हो गए हैं, लेकिन शुक्रवार को मौर्य ने सीएम पद पर खुलकर दावेदारी जता दी और साफ कर दिया कि वह अभी भी दौड़ में बने हुए हैं। इस बीच यह साफ हो गया है कि नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण रविवार को होगा।

शुक्रवार को एक न्यूज चैनल से बातचीत में सीएम पद की दावेदारी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मौर्य ने कहा कि इसके लिए कई नाम आलाकमान को भेजे गए हैं और उन्होंने खुद अपना नाम भी भेजा है। मौर्य के इस बयान से साफ है कि वह सीएम बनने की रेस में वह अभी भी बने हुए हैं। वैसे मौर्य शुरू से ही सीएम पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।

दरअसल, यूपी के जातीय गणित को देखते हुए केशव प्रसाद मौर्य की दावेदारी को मजबूत माना जा रहा है। यूपी चुनाव से पहले पार्टी की कमान प्रदेश में उन्हीं के हाथ में सौंपी गई थी। चुनाव के दौरान वह पार्टी का प्रमुख चेहरा रहे। जानकार मान रहे हैं कि 2019 के लक्ष्य को देखते हुए अगर बीजेपी पिछड़े वर्ग से आने वाले मौर्य को यह पद सौंपती है, तो पार्टी पिछड़े वर्ग के वोटरों के बीच अपनी पैठ को और पुख्ता कर सकती है।

केशव प्रसाद मौर्य ने यूपी चुनाव को लेकर काफी मेहनत की थी। यूपी में रैलियों के मामले में केशव दूसरे नंबर पर रहे थे। समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने जहां 221 रैलियां और सभाएं की थीं वहीं केशव प्रसाद मौर्य ने 150 जनसभाएं कीं।

बहरहाल, यूपी में सीएम को लेकर सस्पेंस भले बना हुआ हो, पर यह साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों का शपथग्रहण रविवार को होगा। शनिवार को शाम 4 बजे बीजेपी विधायक दल होगी और अगले दिन यानी रविवार को शपथग्रहण समारोह शाम 5 बजे राजधानी लखनऊ के स्मृति उपवन में आयोजित किया जाएगा जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत तमाम बड़े नेता और केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे।

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