‘गोली’ नहीं बद्तर खाना खाने से होती है जवानों की मौत

सरहद की सुरक्षा के लिए हरदम मुस्तैद रहने वाले पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को पौष्टिक खाना भी नसीब नहीं हो रहा है. लिहाजा युद्ध या मुठभेड़ में जान गंवाने वाले जवानों से कई गुना ज्यादा दिल की बीमारी और डायबिटीज से मर रहे हैं. यह खुलासा पैरामिलिट्री के किसी जवान ने नहीं, बल्कि गृह मंत्रालय के आंकड़े से हुआ है. हाल ही में BSF के जवान तेज बहादुर ने वीडियो जारी कर बदतर खाना मिलने की शिकायत की थी, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था.

गृह मंत्रालय की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) या पैरामिलिट्री फोर्स के सबसे ज्यादा जवानों की मौत खराब स्वास्थ्य के कारण होती है. हैरानी की बात यह है कि यह आंकड़ा युद्ध या मुठभेड़ में जान गंवाने वाले जवानों से भी तीन गुना अधिक है. हर दो महीने में तीन जवानों की दिल का दौरा पड़ने से मौत होती है. विशेषज्ञों का कहना है कि खराब भोजन के चलते जवान बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं और मौत के आगोश में समा जाते हैं.

हर तीसरे जवान की मौत की वजह दिल का दौरा
गृह मंत्रालय के मुताबकि तीन साल और दो महीने में आतंकवाद निरोध अभियान के दौरान CRPF, BSF, ITBP, SSB, CISF, NSG और असम राइफल के 1,067 जवानों की जान गई, जबकि इस दरम्यान इससे तीन गुना यानी 3,611 सुरक्षाकर्मियों की मौत बीमारी से हुई. पूर्व BSF प्रमुख डीके पाठक ने बताया कि उन्होंने पैरामिलिट्री के चिकित्सा निदेशालय से जवानों के स्वास्थ्य को लेकर समीक्षा कराई थी, जिसमें चिंताजनक परिणाम सामने आए. उन्होंने बताया कि इसमें पाया गया कि पैरामिलिट्री फोर्स में सबसे ज्यादा जवानों की मौत दिल की बीमारी के चलते हुई. इसके बाद खुदकुशी दूसरे नंबर पर है.

चिकित्सा निदेशालय ने अपने अंदाज में पेश की रिपोर्ट
जवानों को खराब खाना मिलने के मामले की समीक्षा रिपोर्ट को पैरामिलिट्री फोर्स के चिकित्सा निदेशालय ने अपने अंदाज में पेश किया है. इसमें पर्दा डालने की पूरी कोशिश की गई. इसमें अधिक भोजन करने, हाई कोलेस्ट्रॉल और बदतर जीवनशैली को जवानों की मौत की वजह बताया गया है. इसमें कहा गया है कि खराब जीवनशैली के चलते जवान हाई ब्लड प्रेशर, दिल का दौरा और डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं. हालांकि विशेषज्ञों का दावा है कि जवानों की मौत का कारण बदतर भोजन है.

समोसा-जलेबी की बजाय फल खाने की सलाह
पूर्व BSF प्रमुख डीके पाठक ने बताया कि पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों से समोसा और जलेबी की बजाय फल और सलाद ज्यादा खाने की सलाह दी गई है. इसमें कहा गया कि पंजाब और हरियाणा में जवान सबसे ज्यादा दिल से जुड़ी बीमारी की चपेट में आते हैं.

BSF और CRPF के जवान सबसे ज्यादा प्रभावित
गृह मंत्रालय के आंकड़े के मुताबिक हिंसा प्रभावित जम्मू एवं कश्मीर और छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल एवं त्रिपुरा के नक्सली इलाके में सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले BSF और CRPF के जवान सबसे ज्यादा खराब स्वास्थ्य से जूझ रहे हैं. जम्मू एवं कश्मीर में 38 महीने में CAPF के 303 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई. वहीं, इस अवधि में छत्तीसगढ़ में 163 सुरक्षाकर्मियों और पश्चिम बंगाल में 70 सुरक्षाकर्मियों की जान गई.

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