कश्मीर में 98 हजार Cr के 6 हाइड्रो प्रोजेक्ट पर काम शुरू, पाकिस्तान को एतराज, पढ़ें क्यों

भारत ने कश्मीर में 15 बिलियन डॉलर (98 हजार 137 करोड़ रुपए) वाले 6 हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट्स को फास्ट ट्रैक कर दिया है। केंद्र और राज्य के 3 ऑफिशियल्स ने यह जानकारी दी है। उनके मुताबिक भारत ने इस मामले में इस्लामाबाद की उस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया है कि नदियों पर पावर स्टेशंस बनाने से पाकिस्तान की तरफ पानी की सप्लाई बाधित होगी। बता दें कि कई सालों से लंबित इन प्रोजेक्ट्स को पिछले साल ही मोदी सरकार ने मंजूरी दी थी। घाटी में आतंकियों को पाकिस्तान की तरफ से लगातार सपोर्ट मिलने से नाराज नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पाक को अब पानी की सप्लाई सशर्त होगी।

सबसे बड़ी स्कीम 1,856 MW के सवालकोट प्लांट की
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक इन स्कीम्स में सबसे बड़ी स्कीम 1,856 MW के सवालकोट प्लांट की है। इन स्कीम्स को पूरा होने में कई साल लगेंगे। परमाणु हथियार वाले दोनों देशों के बीच तनाव की वजहों में से एक इनकी मंजूरी भी है।
– पावर मिनिस्ट्री के टॉप रैंकिंग ऑफिशियल प्रदीप कुमार पुजारी ने कहा, “ये सिर्फ एक हाइड्रो प्रोजेक्ट नहीं हैं, हम इसे स्ट्रैटजिक वाटर मैनेजमेंट और बॉर्डर मैनेजमेंट प्रॉब्लम से जोड़कर भी देख रहे हैं और इसीलिए इस पर पैसा खर्च किया जा रहा है।”

पाकिस्तान का क्या है एतराज?
– पाकिस्तान ने इनमें से कुछ प्रोजेक्ट्स पर एतराज जताया है। कहा है कि भारत सिंधु नदी और इसकी सहायक नदियों के पानी के शेयरिंग पर वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता वाले समझौते का वॉयलेशन कर रहा है। जबकि इनके पानी से पाक में 80% खेती और सिंचाई का काम होता है।
– पाकिस्तान ने कश्मीर में आतंकवाद में अपना हाथ होने से इनकार किया है। उसने नई दिल्ली से कश्मीर का भविष्य तय करने के लिए बातचीत की बात दोहराई है।
– पाकिस्तान के फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन नफीस जकारिया ने कहा कि वह भारत के प्रोजेक्ट्स को लेकर वाटर एंड पावर मिनिस्ट्री से बातचीत करने के बाद ही कुछ कह सकते है क्योंकि यह एक टेक्निकल मैटर है। जकारिया ने कहा, “बॉर्डर पर शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत रुकी हुई है, लेकिन इसके बावजूद भारत इस महीने लाहौर में सिंधु कमीशन की बैठक में हिस्सा लेगा।”
– उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि पानी के विवाद को हल करने के लिए भारत ने IWT (सिंधु जल समझौता) के तहत इसके मैकेनिज्म के महत्व को समझा है।”

6 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
– भारत की वाटर रिसोर्सेज मिनिस्ट्री और सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के 2 अन्य ऑफिशियल्स के मुताबिक पिछले 3 महीनों में कश्मीर में 6 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स को वॉयबिलिटी टेस्ट के लिए मंजूरी दी गई है।
– ये प्रोजेक्ट्स सिंधु की सहायक नदी चेनाब से जुड़े हैं। इनसे बिजली सप्लाई शुरू हो जाने से जम्मू-कश्मीर की हाइड्रो पावर जेनरेट करने की कैपेबिलिटी 3 गुना तक बढ़ जाएगी। अभी राज्य में 3,000 MW बिजली पैदा होती है।
– ऑफिशियल्स ने इन प्रोजेक्ट्स का नाम बताने से इनकार कर दिया क्योंकि इनकी मंजूरी को अभी तक ऑफिशियली पब्लिक नहीं किया गया है। एक ऑफिशियल ने बताया कि पिछले 50 साल में राज्य में हाइड्रोपावर कैपेसिटी का सिर्फ छठा हिस्सा ही डेवलप किया गया।

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