PAK सिख क्रिकेटर ने रचा इतिहास, आप भी जानिए

कराची

पिछले साल दिसंबर में पाकिस्तानी क्रिकेट के फलक पर एक नया नाम उभरा था. यह क्रिकेटर थे महिंदर पाल सिंह. वास्तव में उनके नाम की चर्चा इस वजह से थी क्योंकि वह पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के लिए चुने गए पहले सिख क्रिकेटर थे. वैसे भी पाकिस्तान में किसी गैर-मुस्लिम खिलाड़ी के लिए जगह बनाना आसान काम नहीं है. जाहिर है महिंदर खासे प्रतिभाशाली होंगे, तभी उन्हें यह मौका मिल पाया था. अब उन्हें पाकिस्तान की घरेलू प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिला है. माना जा रहा है कि वह घरेलू क्रिकेट में खेलने का मौका पाने वाले पहले सिख क्रिकेटर हैं. हालांकि एक असत्यापित जानकारी के अनुसार एक अन्य सिख क्रिकेटर गुलाब सिंह भी कुछ वर्ष पहले ग्रेड दो के दो या तीन मैचों में खेलने का अवसर मिला था, लेकिन इस बारे में पक्के तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता. महिंदर पाल सिंह की बात करें, तो उनका नाम तो आधिकारिक रूप से दर्ज हो गया है और इसके साथ ही उन्होंने इतिहास रच दिया है.

महिंदर ने क्रिकेट का यह सफर कैसे तय किया

तेज गेंदबाज महिंदर पाल सिंह को पैटर्न्‍स ट्रॉफी ग्रेड-2 प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिला. खास बात यह कि उन्होंने दो विकेट भी झटके, लेकिन चोटिल होने की वजह से दूसरी पारी में गेंदबाजी नहीं कर पाए. महिंदर पाल सिंह पाकिस्तान में रहने वाले 20 हजार सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं. वह ननकाना साहिब के रहने वाले हैं जो सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक का जन्मस्थान है.  महिंदर सबसे पहले उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्हें पिछले साल पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) द्वारा आयोजित तेज गेंदबाजों के शिविर में चुना गया था. उनकी प्रतिभा को कायलों में पाकिस्‍तान के पूर्व क्रिकेटर मुदस्‍सर नजर और पीसीबी प्रमुख शहरयार खान भी शामिल हैं.

खैबर एजेंसी से ननकाना साहिब शिफ्ट हुए
पांच भाइयों में सबसे बड़े महिंदर पाकिस्‍तान के क्रिकेट में इस स्‍तर तक पहुंचने वाले पहले सिख क्रिकेटर हैं. महिंदर ने बताया था कि उन्‍होंने मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्‍थानीय क्‍लबों की ओर से खेलना शुरू किया था. वह लाहौर की मुगलपुरा अकादमी से भी जुड़े रहे हैं. महिंदर के पिता भी क्रिकेटर रह चुके हैं और तेज गेंदबाज ही थे. उनका परिवार आतंकवाद से प्रभावित खैबर एजेंसी से करीब 15 वर्ष पहले ननकाना साहिब शिफ्ट हो गया था. पिता ने बताया था, ‘मैं भी पहले प्रतिस्‍पर्धात्‍मक क्रिकेट खेलना चाहता था लेकिन यह ख्‍वाहिश पूरी नहीं हो सकी क्‍योंकि परिवार को व्‍यवसाय को ननकाना साहिब में स्‍थापित करना था लेकिन अब बेटा मेरे इस सपने को पूरा करेगा.’

अकरम, वकार, शोएब के फैन हैं महिंदर
महिंदर पाल सिंह तेज गेंदबाजी में शोएब अख्‍तर, वसीम अकरम और वकार यूनुस के बड़े फैन हैं. यह पूछे जाने पर कि क्‍या पाकिस्‍तान में क्रिकेट खेलते हुए उन्‍हें किसी तरह के मतभेद का सामना करना पड़ा, इस युवा सिख क्रिकेटर ने कहा, नहीं, जब भी मैंने क्रिकेट खेला तो मेरी प्रतिभा और प्रदर्शन को ही देखा गया. मुल्‍तान के कैंप में मुझे फिटनेस के लिए मेहनत करने की सीख दी गई. पाकिस्‍तान की ओर से खेले हिंदू क्रिकेटर दानिश कनेरिया का जिक्र करते हुए महिंदर ने कहा कि दानिश ने पाक के लिए उच्‍च स्‍तर पर क्रिकेट खेला जब वह हिंदू क्रिकेटर होकर पाकिस्‍तान का प्रतिनिधित्‍व कर सकता है तो वह ऐसा क्‍यों नहीं कर सकते. शहरयार खान ने मुल्तान के हाई परफॉरमेंस सेंटर का औपचारिक दौरा किया था तो उस समय महिंदर ने उनके साथ समय बिताया और दोनों की फोटो भी वायरल हुई थी.

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