JNU में दलित छात्र ने की खुदकुशी, फेसबुक पर ये लिखा आखिरी संदेश

देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वदविद्यालय के एक एम.फिल छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।  जानकारी के मुताबिक जेएनयू से एमफिल कर रहे मुथुकृष्णन (रजनी कृष) ने कमरे में फांसी लगा कर खुदखुशी की।

पुलिस जानकारी के मुताबिक होली के दिन सोमवार शाम को करीब पांच बजे पुलिस कंट्रोल रूम को जेएनयू के छात्र ने कॉल कर बताया कि मुनिरका में एक युवक ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया है। सूचना मिलते ही पुलिस मुनिरका विहार के मकान संख्या 196 पर जा पहुंची।

जब पुलिस कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई तो देखा कि सामने 25 वर्षीय युवक मुथुकृष्णन (रजनी कृष) की लाश छत के पंखे से लटकी हुई है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। पुलिस को पता चला कि छात्र मुतुकृष्णन (रजनी कृष) तमिलनाडु के सलेम का रहना वाला है।

मृतक छात्र रजनी कृष जेएनयू में एम.फिल का छात्र था वह दोपहर को अपने दोस्त के घर आया था। खाना खाने के बाद उसने अपने दोस्त से कहा कि वह सोने जा रहा है। तब वह कमरे में गया और कमरा अंदर से बंद कर लिया। शाम को उसके बाद उसे दोस्तों ने उठाने के लिए आवाज लगाई तो वह बाहर नहीं आया। जिसके बाद परेशान होकर उसके दोस्त ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।

जेएनयू छात्रों के मुताबिक मुथुकृष्णन अनुसूचित जाति से थे और हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित वेमुला की मौत के बाद शुरू हुए छात्र आंदोलन में सक्रिय थे। आत्महत्या करने से पहले मुथुकृष्णन ने अपने फेसबुक पर लास्ट पोस्ट में लिखा ‘अगर समानता नहीं है तो कुछ भी नहीं है। एम. फिल और पीएचडी एडमिशन में कोई बराबरी नहीं है। वाइवा में बराबरी नहीं है, केवल समानता का ढोंग होता है। प्रशासनिक भवन में छात्रों को प्रदर्शन नहीं करने दिया जाता है। हासिए के लोगों के लिए शिक्षा की बराबरी नहीं है।’मुथुकृष्णन की खुदखुशी की खबर से विवि के छात्र हैरान और स्तब्‍ध हैं।  पुलिस के मुताबिक मृतक छात्र अपने कुछ व्यक्तिगत मामलों को लेकर डिप्रेशन में था। पुलिस अब मामले की गंभीरता से जांच पड़ताल कर रही है।

Share With:
Rate This Article