‘एच-1बी वीजा को लेकर भारत-अमेरिका के रिश्ते बिगड़ सकते हैं’

ओबामा प्रशासन के पूर्व शीर्ष राजनयिक ने कहा है कि एच-1बी वीजा पर भारत और अमेरिका के रिश्ते में तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने ट्रम्प प्रशासन से विवेकपूर्ण निर्णय लेने को कहा है ताकि हजारों भारतीयों की नौकरी प्रभावित न हो।

ओबामा प्रशासन के तत्कालीन दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के मंत्री निशा देसाई बिस्वाल ने कहा कि एच-1बी वीजा पर दोनों देशों में तनाव हो सकता है। उनका बयान उस दौरान आया है जब ट्रम्प प्रशासन ने इसके खिलाफ कदम उठाए हैं और वीजा से संबंधित आधा दर्जन बिल अमेरिकी संसद में पेश किए हैं। निशा ने कहा कि इस पर समझदारी से कदम उठाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि हम इस पर सहमत हैं कि एच-1बी वीजा अमेरिकी और विदेशी कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण और जरूरी कार्यक्रम है। क्योंकि यदि यहां उच्च दक्षताप्राप्त लोग नहीं आएंगे तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा। लेकिन हम यह भी मानते हैं कि अन्य देशों के लोग यहां आकर हमारी नौकरी छीन रहे हैं।

अमेरिका प्रतिभाओं को जगह नहीं देगा तो इसकी अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी
इसलिए इस वीजा कार्यक्रम में संशोधन कर इसे तर्कसंगत बनाने की जरूरत है। पूर्व अमेरिकी राजनयिक ने कहा कि अमेरिका यदि प्रतिभाओं को अपने यहां जगह नहीं देगा तो इसकी अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी। इसलिए दुनिया भर के सर्वश्रेष्ठ और तेज दिमाग वाले लोगों को यहां बुलाना चाहिए।

निशा ने कहा कि हमने देखा है कि किस तरह से अमेरिका में हेट क्राइम बढ़ा है और किस प्रकार अप्रवास समुदायों पर हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओबामा प्रशासन के दौरान काफी काम हुआ। खासकर नरेंद्र मोदी ने जब देश की सत्ता संभाली तब दोनों नेताओं आपसी रिश्ते और कारोबारी रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए काफी काम किया। अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

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