हिमाचल में बर्फबारी से जन-जीवन पर असर, अलर्ट जारी

हिमाचल में पहाड़ों पर एक से दो फुट तक ताजा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। आधी आबादी का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिला चंबा के चुवाड़ी-जोत-चंबा मार्ग को बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग जुट गया है। मार्ग पर पड़ी बर्फ को हटाया जा रहा है। मार्ग के करीब पांच किलोमीटर हिस्से पर दो से ढाई फुट तक बर्फ जमी है। इसकी वजह से वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। जोत मार्ग के बंद होने की वजह से वाहन चालकों को वाया बनीखेत-चंबा जाना पड़ रहा है। इस मार्ग से लोगों को 30 से 40 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। वाया जोत चंबा को जोड़ने वाला सबसे छोटा मार्ग है। आमतौर पर इस मार्ग पर वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। नूरपुर से वाया जोत चंबा की दूरी करीब 78 किलोमीटर है जबकि यही दूरी वाया बनीखेत करीब 120 किलोमीटर तक रहती है।

इसके अलावा यह मार्ग पर्यटकों के आकर्षण का भी केंद्र बना हुआ है। खजियार, डलहौजी और जोत घूमने आने वाले पर्यटक गर्मियों में इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। पिछले दिनों हुई भारी बर्फबारी की वजह से यह मार्ग बंद हो गया है। अब लोक निर्माण विभाग चुवाड़ी ने इस मार्ग को बहाल करने का काम शुरू कर दिया है और आगामी एक या दो दिन में मार्ग बहाल कर दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता चुवाड़ी दीपक महाजन ने बताया कि एक या दो दिन में मार्ग पूरी तरह से बहाल कर दिया जाएगा। मार्ग के कुछ हिस्से पर बर्फ गिरी है। इसे हटाने के लिए कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

कुल्लू घाटी में फिर भारी हिमपात हुआ है। कुल्लू की पहाड़ियों पर एक से दो फुट तक ताजा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। वहीं, ताजा बर्फबारी से जिला कुल्लू की आधी आबादी का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिला में करीब एक दर्जन बस रूटों पर भी इसका असर पड़ा है। जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में मार्च महीने में करीब डेढ़ दशक बाद दूसरी बार बर्फबारी हुई है। जिला के बाह्य सराज, तीन कोठी, तीर्थन वैली, सैंज घाटी, मणिकर्ण घाटी, लगवैली, खराहल घाटी और ऊझी घाटी के सबसे अधिक गांव बर्फबारी  की जद में आए हैं। तस्वीर में बर्फवारी के बाद किन्‍नौर की सांगला वैली का नजारा।

बर्फबारी से बागवानों और पर्यटन कारोबारियों के चेहरों पर रौनक छा गई है। मनाली घूमने आए सैलानी भी ताजा बर्फबारी के दीदार कर गदगद हो उठे। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रोहतांग दर्रा में 60 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। जबकि, सोलंगनाला में 20 सेंटीमीटर, मनाली में दस सेंटीमीटर, कोकसर में 30 सेंटीमीटर, जलोड़ी दर्रा में 40 सेंटीमीटर बर्फबारी होने की सूचना है

वहीं, हाईवे-305 के बहाली को भी झटका लगा है। हाईवे अथॉरिटी को घियागी और खनाग से बर्फ हटाने का अभियान शुरू करना होगा। बर्फबारी से जिला कुल्लू के आनी, निरमंड, बंजार, कुल्लू, सैंज और मनाली क्षेत्र में करीब एक दर्जन बस रूटों पर असर पड़ा है।

उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि प्रशासन ने लोगों और सैलानियों को अलर्ट जारी किया है। हिमस्खलन होने के खतरे को देखते हुए उन्होंने जलोड़ी दर्रा और सोलंगनाला की ओर आवाजाही न करने की हिदायत दी है।

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