नोटबंदी के दौरान ‘होशियारी’ दिखानी वाले 500 से ज्यादा लोगों पर निशाना

8 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 के बीच अपने बैंक खातों में 15 लाख से ज्यादा के 500-1000 के नोट जमा कराने वाले साढ़े पांच सौ से ज्यादा लोग इनकम टैक्स विभाग के निशाने पर हैं। विभाग पहले ही इन लोगों को नोटिस भेज चुका है, लेकिन अब तक इन्होंने इसका जवाब नहीं दिया है।\

विभाग अगले पंद्रह दिन और इंतजार के बाद बड़े पैमाने पर सर्वे की कार्रवाई शुरू करेगा। प्रदेश के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (पीसीसीआईटी) प्रीतम सिंह ने बताया कि नोटबंदी में जमा हुई रकम की सारी जानकारी सभी बैंकों ली गई है।

इसे कंप्यूटराइज्ड तरीके से स्कैन कर ऐसे लोगों को चिह्नित किया है, जिन्होंने एक या एक से अधिक बैंक खातों में पंद्रह लाख से ऊपर की रकम जमा की है। नोटिसों में सीधे तौर पर उनसे जमा रकम का सोर्स पूछा है।

जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें बागवानों के अलावा व्यापारी, उद्योगपति, नौकरीपेशा और छोटे कारोबारी शामिल हैं। कहा कि इन सभी पर इनकम टैक्स की इंटेलीजेंस, इंवेस्टिगेशन और क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग जांच कर रही हैं।

अवैध संपत्ति के तीन मामले आए
प्रीतम सिंह ने बताया कि प्रदेश में अभी तक पिछले कुछ समय में एक भी रेड नहीं की गई है। करीब दर्जन भर प्रतिष्ठानों का सर्वे जरूर किया गया है। जिन संस्थानों पर सर्वे किया गया है उनके दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। अवैध संपत्तियों की जांच को बने नए कानून के तहत प्रदेश में तीन शिकायतें आई हैं। इनकी स्क्रूटनी की जा रही है।

31 को खत्म हो रही गरीब कल्याण योजना
पीसीसीआईटी ने बताया अघोषित आय को घोषित करने के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की मियाद 31 मार्च को खत्म हो रही है। इस दौरान जो लोग अपनी आय घोषित कर रहे हैं, उन्हें करीब पचास प्रतिशत टैक्स जमा कर काला धन को सफेद करने का मौका दिया जा रहा है।

प्रदेश में कई लोगों ने इस योजना का लाभ लिया है। मियाद पूरी होने के बाद विभाग की कार्रवाई में जो लोग पकड़े जाएंगे, उन्हें 70 से 80 फीसदी तक राशि बतौर जुर्माना चुकानी पड़ेगी।

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