कतर एयरवेज लाएगा भारत में एयरलाइन

कतर एयरवेज लिमिटेड का भारत में 100 छोटे प्लेन के बेड़े के साथ एक एयरलाइन कंपनी खोलने का प्लान है। कंपनी के सीईओ अकबर अल बकर ने कहा है, “हम गल्फ नेशन के वेल्थ फंड की मदद से भारत में एक एयरलाइन खोलने पर विचार कर रहे हैं।” भारत में यह अपनी तरह का पहला एयरलाइन वेंचर होगा जिसकी मालिक पूरी तरह विदेशी संस्थाएं होंगी। बता दें कि देश के कई शहरों में कतर एयरवेज की फ्लाइट सर्विस पहले से चालू है।

एयरलाइंस सेगमेंट में 100% एफडीआई को हैं मंजूरी
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक टॉप 3 गल्फ कैरियर्स में शुमार कतर एयरवेज भारत में तेजी से आगे बढ़ रहे एविएशन मार्केट में इन्वेस्टमेंट के मौके तलाश रहा है।
– कतर एयरवेज की तरफ से यह प्रपोजल भारत सरकार द्वारा एयरलाइंस सेगमेंट में 100% फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट को मंजूरी देने के करीब 9 महीने बाद सामने आया है।
– कंपनी के सीईओ अकबर अल बकर ने बुधवार को बर्लिन में एक प्रेस मीट में भारत में एयरलाइन कंपनी खोलने के प्लान की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “हमने भारत में एक घरेलू एयरलाइन शुरू करने के मकसद से इन्वेस्टमेंट के लिए स्टेट ऑफ कतर के साथ हाथ मिलाया है।”

कंपनी ने और क्या कहा?
– अकबर अल बकर ने कहा, “हमने यह फैसला इसलिए किया है क्योंकि भारत सरकार ने एयरलाइन सेटअप के लिए फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) का रास्ता साफ कर दिया है।” प्लान का एलान करते हुए बकर ने कहा कि भारत सरकार को इसके लिए अभी एप्लिकेशन देना बाकी है।
– बता दें कि पिछले साल जून में पिछली जून में मोदी सरकार ने इस सेगमेंट में विदेशी कंपनियों को पूरी छूट देने के रास्ते खोले थे। इसके तहत एयरलाइंस कंपनियां 49% हिस्सेदारी के साथ भारत आकर 51% बाहरी इन्वेस्टमेंट की मदद से यहां सर्विस शुरू कर सकती हैं।

फॉरेन इन्वेस्टमेंट वाली अभी सिर्फ 3 कंपनियां
– हालांकि, भारत अभी पूरी तरह विदेशी अधिकार वालीं एयरलाइंस कंपनियों के मामले में रिव्यू कर रहा है। मौजूदा वक्त में लाइसेंस उन्हीं एयरलाइंस को दिए जा रहे हैं, जिनके चेयरपर्सन और दो तिहाई डायरेक्टर्स भारतीय हैं।
– अभी सिर्फ 3 कंपनियां ही ऐसी हैं, जिनमें विदेशी एयरलाइंस ने इन्वेस्टमेंट कर रखा है। अबु धाबी की एतिहाद की जेट एयरवेज में 24% हिस्सेदारी है। टाटा ग्रुप में विस्तारा और एयर एशिया इंडिया में 51-51% हिस्सेदारी है।

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