नोटबंदी के दौरान 10 अकाउंट में जमा करवाए लाखों रुपए, पढ़ें कैसे हुआ खुलासा

नोटबंदी के दौरान सिओ मोटो द्वारा खुद ही 30 फीसदी टैक्स भरकर खुद का बचाव करने का कदम उठाने वाले लोग इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नजर में ज्यादा आ चुके हैं। वहीं अब बचाव का कोई तरीका न दिखते हुए ये लोग खुद डिपार्टमेंट अथॉरिटी को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत शामिल करने की मांग रख रहे हैं।

पटियाला जिले में ही ऐसे 100 से ज्यादा लोग हैं, जिन्होंने पहले ही 30 फीसदी टैक्स जमा कर दिया है पर उनके कैश की वेरिफिकेशन भी आईटी डिपार्टमेंट करेगा। पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में ऐसे लोगों के आने का कोई प्रोविजन ही नहीं है। ऐसे में ये लोग फंसते नजर आ रहे हैं। अब ये लोग 31 मार्च से पहले रिटर्न फाइल करके डिपार्टमेंट से रिफंड लें और उसके बाद योजना में शामिल हो सकने की उम्मीद है। नहीं तो फिर इन पर डिपार्टमेंट बनती कार्रवाई करेगा।

लोगों ने अलग-अलग तरह हथकंडे आजमाए

वहीं दूसरी तरफ लोगों ने नोटबंदी के दौरान कैश जमा करवाने के लिए अलग-अलग तरीके तो निकाल लिए पर फिर भी वो बच नहीं पाए। इन लोगों की गिनती भी काफी है, जिन्होंने अलग-अलग बैंकों में 10 अकाउंट खोल लिए, हर अकाउंट में ढाई लाख रुपए जमा करवा दिए क्योंकि ढाई लाख रुपए तक की रकम पर कोई पूछताछ नहीं होनी थी, लेकिन 10 अकाउंट के लिए पैन नंबर तो एक ही यूज होना था, ऐसे में लोग बैंक खाते चाहे अलग थे पर पैन नंबर एक होने के चलते सारी रकम मिलाकर 25 लाख हो गई और इसकी जानकारी ऑनलाइन डिपार्टमेंट के पास पहुंच गई। वहीं दूसरी तरफ लोगों ने कैश जमा करवाकर खुद ही 30 फीसदी टैक्स भी भर दिया पर जो कैश जमा करवाया है, उसके बारे में भी अब ब्यौरा देना होगा कि वो पैसा आया कहां से, जिस पर टैक्स भरा है।

एडजस्टमेंट के लिए आ रहे लोग आगे पर अभी प्रोविजन नहीं: प्रिंसिपल कमिश्नर
इस मामले में प्रिंसिपल कमिश्नर डा. जगतार सिंह ने कहा कि जिन लोगों ने खुद ही 30 फीसदी टैक्स जमा करवा दिया है, वो लोग भी जांच के दायरे में आ गए हैं। अब वो लोग इस 30 फीसदी टैक्स को एडजस्ट करने के लिए मांग कर रहे हैं। अभी सरकार ने इसे लेकर कोई प्रोविजन नहीं बनाया है कि ऐसे मामलों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में शामिल किया जाए पर इन मामलों में लोगों ने जो टैक्स जमा किया है, उससे पहले रिटर्न फाइल करनी होगी। रिटर्न फाइल करके रिफंड लेना होगा और फिर इस योजना में शामिल करने के बारे में सोचा जाएगा। क्योंकि ये योजना 31 मार्च तक ही चलनी है, इसलिए ऐसे लोगों को जल्दी ही कोई कदम उठाना होगा ताकि वो योजना में आ सकें।

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