पूर्व सैनिक के परिवार को मुआवजा देने की दिल्ली सरकार की फाइल LG ने लौटाई

दिल्ली

पिछले साल दिसंबर महीने में पद ग्रहण करने वाले दिल्ली के ऩए उपराज्यपाल अनिल बैजल ने पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल के परिवार को मुआवज़े देने वाली दिल्ली सरकार की फाइल लौटा दी है.

फाइल लौटाते हुए राजभवन की ओर से तर्क दिया गया है कि राम किशन ग्रेवाल दिल्ली के नागरिक नहीं थे, बल्कि हरियाणा के नागरिक थे, इसलिए मुआवजा नहीं मिल सकता. वहीं, माना जा रहा है कि दिल्ली के उपराज्यपाल और सत्तासीन आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच टकराव की नई जमीन तैयार हो गई है.

गौरतलब है कि पिछले साल वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल ने खुदकुशी कर ली थी. इसके बाद दिल्ली सरकार ने परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने का एलान किया था. अब एलजी ने अरविंद केजरीवाल सरकार की फाइल लौटा दी है.

यहां पर बता दें कि राम किशन ग्रेवाल पूर्व सैनिक थे, जिन्होंने OROP के लिए जंतर-मंतर पर नवम्बर 2016 में आत्महत्या की थी, जिसके बाद राहुल गांधी और सीएम अरविंद केजरीवाल जब उनके परिवार से मिलने गए थे. इसके बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने ग्रेवाल के परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवज़े का ऐलान किया था.

राजनीति के जानकारों के मुताबिक, यह पहला टकराव है जो काफी आगे बढ़ सकता है. हालांकि हाल ही में केजरीवाल सरकार के एक के बाद एक फैसले जैसे गेस्ट टीचर वेतन बढ़ोतरी, न्यूनतम मजदूरी बढ़ोतरी, मोहल्ला क्लिनिक सरकारी स्कूल में खोलने के फैसले को एलजी हरी झंडी दी है.

इससे पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने के दिल्ली सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था. कोर्ट ने कहा कि हमें याचिका में कोई आधार नजर नहीं आ रहा है आप ये बताइए सरकार ने किस कानून का उल्लंघन किया है?

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जेएस खेहर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर आपको सरकार के किसी फैसले के खिलाफ कोई आपत्ति है तो आप धरने पर बैठ जाइए और कहिए कि हम अगली बार आपको वोट नहीं करेंगे.

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