बस ड्राइवर की लापरवाही की वजह से जिदंगी की लड़ाई लड़ रहा है मासूम

पटियाला में चार साल के मासूम को उसी के स्कूल की बस ने कुचल दिया। मासूम बस से उतरने के बाद अभी वहीं खड़ा था। लेकिन चालक ने देखे बगैर बस को बैक करते समय उसे बस के पिछले टायर के नीचे कुचल दिया। गंभीर हालत में बच्चे को तुरंत अमर अस्पताल ले जाया गया। जहां सात घंटे जिंदगी व मौत के बीच झूलने के बाद बच्चे की शाम को मौत हो गई। संबंधित अर्बन अस्टेट थाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए बस के चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

फोटोग्राफरी का काम करने वाले इकबाल सिंह निवासी गली नंबर 13 ऋषि कालोनी पटियाला का चार साल का बेटा प्रभजोत सिंह गोबिंद बाग इलाके में स्थित एसएम इंटरनेशनल स्कूल में नर्सरी क्लास में पढ़ता था। रोजाना की तरह बुधवार को वह सुबह करीब 9 बजे स्कूल की अपनी बस में पढ़ने चला गया। कुछ ही देर बाद अभिभावकों को स्कूल मैनेजमेंट की तरफ से फोन आया कि प्रभजोत सिंह स्कूल बस के नीचे आकर घायल हो गया। अमर अस्पताल पहुंच जाएं। वहां जाकर पता किया, तो प्रभजोत गंभीर था। स्कूल बस के पिछले टायर के नीचे आने से उसकी पसलियां टूट गई थीं।

बस ड्राइवर की लापरवाही की वजह से जिदंगी की लड़ाई लड़ रहा है मासूम
डीएसपी सिटी टू पुरुषोत्तम सिंह बल ने बताया कि अब तक जांच में सामने आया है कि बस चालक ने बच्चों को स्कूल के गेट के बाहर उतार दिया। इसके बाद वह बस को बैक करके जैसे ही जाने लगा, तो बस के पीछे खड़ा प्रभजोत सिंह, जिसने अभी स्कूल के अंदर प्रवेश नहीं किया था चालक ने प्रभजोत को देखा नहीं और बैक करते समय बस उसके ऊपर चढ़ा दी। हादसे में प्रभजोत की पसलियां टूट गई थीं। वह काफी सीरियस रहा और शाम करीब पांच बजे उसकी मौत हो गई। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने बस के चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। लेकिन अभी  गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।
हादसे के वक्त बस में न तो हेल्पर और न ही कंडक्टर था

अस्पताल में बिलखते माता-पिता ने स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हादसे के वक्त बस में न तो कोई हेल्पर था और न ही कंडक्टर, जो बच्चों को स्कूल बस से उतारने के बाद अंदर एंट्री कराता। ऊपर से स्कूल मैनेजमेंट ने अपनी गलती छुपाने के लिए पुलिस को भी इस हादसे के बारे में सूचित नहीं किया। डीएसपी पुुरुषोत्तम सिंह बल ने बताया कि बच्चे की मौत से कुछ समय पहले पुलिस को हादसे बारे बताया गया।

फोटोग्राफरी का काम करने वाले इकबाल सिंह के दोस्त प्रदीप मल्होत्रा ने रोते हुए बताया कि हादसे के वक्त बस में न तो कोई हेल्पर था और न ही कंडक्टर। चालक ने बच्चों को स्कूल बस से उतारा और यह देखा भी नहीं कि प्रभजोत अभी स्कूल के अंदर नहीं गया और बस बैक करने लगा। इसी बीच बस के पिछले टायर के नीचे आने से उसकी मौत हो गई। यह स्कूल मैनेजमेंट की सरासर लापरवाही है। मैनेजमेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

स्कूल मैनेजमेंट की यह गलती और लापरवाही इकबाल सिंह के परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ तोड़ गई। उसके चार साल के इकलौता बेटे प्रभजोत की मौत हो गई। सुबह से तो जैसे-तैसे खुद को संभाले थे कि प्रभजोत ठीक हो जाएगा। जैसे ही शाम करीब पांच बजे अस्पताल वालों ने बताया कि प्रभजोत की मौत हो गई है। इकबाल सिंह व उसके परिवार का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। परिवार वालों ने स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

डीएसपी बल ने कहा कि हो सकता है कि स्कूल मैनेजमेंट ने अस्पताल प्रबंधन पर दबाव डालकर पुलिस को हादसे के बारे में सूचना न देने दी हो। शाम को पुलिस को हादसे के बारे में सूचना दी गई। स्कूल मैनेजमेंट को बख्शा नहीं जाएगा। कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बयान बगैरा हो रहे हैं।

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