हिमाचल प्रदेश बनेगा 2 राजधानियों वाला छठा राज्य

पालमपुर

हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा कैबिनेट में लिए गए फैसले के बाद हिमाचल चौथा ऐसा राज्य हो जाएगा जहां आने वाले समय में 2 राजधानियां होंगी। 2 राजधानियों वाले जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र व आंध्र प्रदेश के बाद हिमाचल का नाम भी इस सूची में जुड़ जाएगा। बेशक इस फैसले के बाद इस पर प्रशासनिक व राजनीतिक लाभ को लेकर बहस छिड़ी है परंतु भविष्य में सब कुछ जम्मू-कश्मीर राज्य की तर्ज पर संभव हुआ तो निचले क्षेत्र के जिलों कांगड़ा, चम्बा व ऊना के लोगों को निश्चित रूप से लाभ मिल सकता है।

6 माह जम्मू तो 6 माह श्रीनगर से चलती है सरकार  
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में अप्रैल से अक्तूबर तक पूर्ण रूप से जम्मू से प्रशासन को संचालित किया जाता है जबकि अक्तूबर से मार्च तक श्रीनगर से सरकार चलती है। सर्दियों में श्रीनगर में शून्य से नीचे तापमान जाने व हाईवे में भारी बर्फबारी के चलते 6 माह सरकार जम्मू स्थानांतरित होती है लेकिन सर्दियों में हिमाचल में हालात इतने कठिन नहीं होते हैं। फिर भी गर्मियों में 6 माह की बजाय 4 माह सरकार धर्मशाला आए तो ही लोगों को इसका पर्याप्त लाभ मिल सकता है।

महाराजा गुलाब सिंह ने शुरू की थाी परंपरा
बता दें कि अच्छा शासन प्रदान करने के लिए महाराजा गुलाब सिंह ने वर्ष 1872 में इस राज्य की राजधानी को स्थानांतरित करने की परंपरा को शुरू किया था। इस परंपरा को निभाने के लिए आज जम्मू-कश्मीर सरकार 300 करोड़ अतिरिक्त खर्चा कर रही है। जम्मू-कश्मीर के बाद महाराष्ट्र में मुंबई व नागपुर तथा आंध्र प्रदेश में हैदराबाद के अलावा अमराबती शहर को नई राजधानी के रूप में तैयार किया जा चुका है।

लग सकता है लंबा समय
धर्मशाला में भी राजधानी लाने के लिए सरकार को शिमला से आने वाले सैंकड़ों अधिकारियों व कर्मचारियों को आवास व अन्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए लंबा समय लग सकता है। हिमाचल का क्षेत्रफल 55673 वर्ग किलोमीटर है लेकिन आर्थिक व भौगोलिक दृष्टि के चलते चम्बा, कांगड़ा व ऊना के क्षेत्रों को शिमला की दूरी से निजात मिल सकती है।

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