पूर्व BCCI अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी

BCCI के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल को होगी। ठाकुर को उस सुनवाई में खुद उपस्थित न होने की छूट भी दी गई है। ठाकुर ने माफी में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना का उनका उद्देश्य कभी नहीं रहा है। फिर भी कोर्ट को ऐसा लगता है तो वे बिना शर्त माफी मांगते हैं।

2 जनवरी को मिला था कारण बताओ नोटिस
– दरअसल 2 जनवरी को कोर्ट ने ठाकुर को पद से हटाने के साथ- साथ कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। उनसे पूछा गया था कि उनके खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला क्यों न चलाया जाए? अनुराग ठाकुर पर आरोप था कि उन्होंने आईसीसी के अध्यक्ष शशांक मनोहर को कहा था कि वह ऐसा पत्र जारी करें जिसमें यह लिखा हो कि अगर लोढ़ा पैनल को इजाजत दी जाती है तो इसे बोर्ड के काम में सरकारी दखलअंदाजी माना जाएगा और बीसीसीआई की सदस्यता रद्द भी हो सकती है। हालांकि ठाकुर ने इस आरोप से इनकार किया था।

ये कहा ठाकुर ने
न्यायाधीश दीपक मिश्रा की बेंच के सामने ठाकुर ने कहा कि उन्होंने आईसीसी चेयरमैन शशांक मनोहर से दुबई में इस मुद्दे पर सिर्फ उनका पक्ष पूछा था। बीसीसीआई चेयरमैन रहते वक्त मनोहर की यही राय थी कि लोढ़ा कमेटी की सभी सिफारिशों को नहीं माना जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करने से पहले 2015 में केपटाउन में शशांक मनोहर ने खुद जवाब का ड्राफ्ट तैयार कराया था और कहा था कि इस जवाब में कोई दिक्कत नहीं है।

बीसीसीआई ने मांगी राज्य संघों के साथ बैठक की इजाजत
सुनवाई के दौरान बीसीसीआई की ओर से पेश हुए वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि कोर्टद्वारा राज्य क्रिकेट एसोसिएशनों के साथ बैठक की इजाजत दी जाए। उन्होंने कहा कि आईसीसी बैठक से पहले ऐसा करना बेहद जरूरी है, ताकि बोर्ड की रणनीति तय की जा सके। ऐसा न होने पर बीसीसीआई को करोड़ों रुपए का नुकसान होगा। इस पर सुप्रीम कोर्टद्वारा नियुक्त बोर्ड के प्रशासक पैनल की ओर से पेश वकील पराग त्रिपाठी ने कहा कि जब तक स्टेट एसोसिएशन लोढा समिति की सिफारिशों को नहीं मानती है, तब तक बैठक की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। इस पर सिब्बल ने कहा कि प्रशासक पैनल को लिखित में देना चाहिए कि वे आईसीसी बैठक में बीसीसीआई का नुकसान नहीं होने देंगे। इस मामले की अगली सुनवाई 20 मार्च को होगी।

Share With:
Rate This Article